'स्वयं' के लॉन्च होते ही डिजिटल होगी शिक्षा


नई दिल्ली(9 जुलाई): भारतीय उच्च शिक्षा डिजिटल युग में प्रवेश करने जा रही है। सैकड़ों कोर्सेज को डीटीएच चैनल्स, टैबलट्स और मोबाइलों के जरिए डिलिवर किए जाएगा। इन कोर्सेज को आईआईटी, जेएनयू, दिल्ली यूनिवर्सिटी और अन्ना यूनिवर्सिटी जैसे प्रीमियर इंस्टीट्यूट्स के 1,000 से अधिक एक्सपर्ट फैकल्टी मेंबर्स ने इन कोर्सेज को तैयार किया है।


- 'मेड इन इंडिया' आईटी प्लैटफॉर्म, MOOC (मैसिव ओपन आॅनलाइन कोर्सेज) या स्वयं के जरिए कक्षा 10 से पोस्ट ग्रैजुएशन तक कक्षाओं में पढ़ाए जाने वाले कोर्सेज की पढ़ाई हो सकेगी।


- इस प्लैटफॉर्म के जरिए स्टूडेंट्स कभी भी, कहीं भी जरूरी जानकारी के बारे में आॅनलाइन पढ़ सकेंगे। ये सभी कोर्सेज फ्री में अवेलेबल होंगे। इन आॅनलाइन कोर्सेज को क्लीयर करने वाले देश के प्रतिष्ठित इंस्टीट्यूट्स के छात्रों को क्रेडिट भी दिया जाएगा।


- प्रेजिडेंट प्रणब मुखर्जी स्वयं और स्वयं प्रभा प्लैटफॉर्म्स को लॉन्च करेंगे। आॅनलाइन कोर्सेज को क्वॉलीफाई करने वाले छात्रों को नैशनल ऐकडेमिक डिपॉजिटरी सर्टिफिकेट्स देकर सम्मानित करेगा।


- स्वयं का उद्देश्य है कि सभी छात्रों को बेस्ट टीचिंग और लर्निंग रिसोर्सेज मिल सकें। डिजिटल रेवलूशन से अब तक दूर छात्रों तक इसकी पहुंच बनाकर उनके नॉलेज इकॉनमी की मुख्यधारा से जोड़ना भी इसका मकसद है।


- स्वयं पर कोर्सेज को चार विभागों में बांटा गया है। ये हैं वीडियो लेक्चर, विशेषतौर पर तैयार किए गए रीडिंग मटीरियल, सेल्फ असेसमेंट टेस्ट, आॅनलाइन डिस्कशन। इनमें इंजिनियरिंग, मैनेजमेंट, साइंट, ह्यूमैनिटीज, लैंग्वेज और गणित शामिल आदि कोर्सेज शामिल है। स्वयं प्रभा 32 डीटीएच चैनलों का ऐसा समूह है जो कि पूरी तक हाई क्वॉलिटी एजुकेशनल प्रोग्राम्स के प्रसारण को समर्पित है।