स्वाति मालीवाल ने तोड़ा अनशन, कहा- PM न मानते तो लंबा चलता अनशन

नई दिल्ली (22 अप्रैल): उन्नाव-कठुआ गैंगरेप के विरोध और बलात्कारियों को खिलाफ कड़े कानानू की मांग को लेकर पिछले 10 दिनों से राजघाट पर अनशन पर बैठी स्वाति मालीवाल ने अपना अनशन तोड़ दिया है। स्वाति मालीवाल ने बच्चियों के हाथ से जूस पीकर अपना अनशन तोड़ा। अनशन तोड़ने के बाद स्वाति ने कहा कि मेरी तबीयत ठीक है। प्रधानमंत्री मोदी का शुक्रिया अदा करते हुए उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नहीं मानते तो उनका अनशन लंबा चलता। स्वाति मालीवाल ने कहा कि संघर्ष बेहद लंबा है। 3 महीने में कानून लागू नहीं आया तो दोबारा लड़ेंगे। हमें घर और स्कूल में लोगों को जागरूक करना होगा। बलात्कार पर चुप्पी तोड़नी होगी। मैं अंतिम दम तक लड़ती रहूंगी।

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि अनशन की कोई रणनीति नहीं थी, लेकिन पूरा देश साथ आ गया। चेन्नई से लेकर नागालैंड तक का हर इंसान इस लड़ाई से जुड़ा। प्रधानमंत्री जी ने विदेश से आते ही कैबिनेट की मीटिंग बुलाई और सख्त कानून पास किया। नए कानून के मुताबिक छोटे बच्चों के बलात्कारियों को हर हाल में फांसी की सजा होगी, फ़ास्ट ट्रेक कोर्ट बनेंगे और 6 महीने में सजा होगी। यह ऐतिहासिक जीत हम सबकी है। यह जीत लाखों निर्भया की है, जो हमारे बीच में नही हैं। ऐसी निर्भया भी हैं जो क्रूरता की वजह से देश छोड़कर चली गईं।

आपको बता दें कि पिछले दस दिनों के दौरान अनशन स्थल राजघाट पर स्वाति से मिलने के लिए कई बड़ी सामाजिक-राजनीतिक हस्तियां पहुंची थीं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, जेडीयू सांसद अली अनवर के अलावा भाजपा के बागी नेता शत्रुघ्न सिन्हा भी स्वाति से मिलने पहुंचे चुके हैं। केजरीवाल ने जब उनसे अनशन तोड़ने की अपील की तो स्वाति ने कहा था कि मैं जानती हूं कि पीएम मोदी जिद्दी हैं, लेकिन मैं भी उन्हीं की बेटी हूं, अगर वे जिद्दी हैं तो मैं ज्यादा जिद्दी हूं।