शरद यादव के विवादित बयान पर संतों ने दी तीखी प्रतिक्रिया

नई दिल्ली (7 अगस्त): जेडीयू नेता शरद यादव के इस बयान पर संतों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। द्वारका और ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि अगर कांवड़िये बेरोजगार होते तो वो अपने खर्चों पर नहीं आते। स्वरूपानंद सरस्वती ने शरद यादव के बयान को संतों का अपमान बताया।

शनिवार को शंकराचार्य मठ में पत्रकारों से बातचीत में शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि कांवड़ यात्रा में बेरोजगार नहीं बल्कि आर्थिक रूप से संपन्न लोग भी आते हैं। वे शरीर को कष्ट देकर और दुर्व्यसनों से दूर रहकर यात्रा में शामिल होते हैं। सनातन धर्म के अनुयायियों की कांवड़ जैसी धर्मयात्रा में करोड़ों लोग शामिल होते हैं। इससे लगता है कि सनातन धर्म का अस्तित्व हमेशा बना रहेगा। 

स्वरूपानंद सरस्वती की तरह स्वामी अच्युतानंद ने भी शरद यादव के बयान पर आपत्ति जताई। ये कोई पहला मौका नहीं है जब शरद यादव ने कोई विवादित बयान दिया हो। इससे पहले भी वो अपने बयानों से विवादों में रह चुके हैं।