'पद्मावत' देखकर आग बबूला हुईं स्वरा भास्कर, संजय लीला भंसाली को लगाई जमकर लताड़ !

हाल ही में फिल्म पद्मावत रिलीज हुई है । इतने विरोध के बाद फिल्म पद्मावत रिलीज हुई है। फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर अच्छा रिस्पॉंस मिल रहा है। वहीं फिल्म की खूब तारीफें भी हो रही हैं । फिल्म की स्टारकास्ट, रणवीर सिंह, दीपिका पादुकोण और शाहिद कपूर के काम की सराहना की जा रही है । लेकिन हाल ही में स्वरा भास्कर को फिल्म देखने के बाद कुछ ऐसा लगा कि उन्होंने तुरंत ही संजय लीला भंसाली को ओपन लेटर लिख दिया। दरअसल स्वरा को जौहर वाला सीन कुछ खास पसंद नहीं आय़ा है। इसलिए उन्होंने संजय लीला भंसाली को ओपन लेटर लिख दिया । अपने लेटर की शुरूआत में स्वरा फिल्म के स्टार्स और संजय की खूब तारीफ की। लेकिन बाद में उन्होंने कुछ पोइंट्स संजय लीला भंसाली को बताए।

I loved the performances by all the actors in #Padmaavat - The film is seductive in its grandeur, scale, beauty, power of its actors’s performances, music, design, vision... and therein lies the problem! Some thoughts.. sorry abt the length ????????????https://t.co/0hYnvlAvAD

— Swara Bhasker (@ReallySwara) January 27, 2018

स्वरा ने लिखा कि, क्या जौहर के बिना पद्मावती की जिंदगी नहीं चल सकती थी। क्या कोई महिला किसी पुरुष के बिना अधूरी है। औरतें कोई चलती-फिरती वजाइना नहीं हैं। हां बेशक उनके पास यह चीज होती है, लेकिन इसके अलावा भी औरतों के पास बहुत कुछ है। स्वरा ने लिखा है कि इस फिल्म के जरिए भंसाली जी ने सती और जौहर प्रथा का महिमामंडन किया है । जौहर सीन को लेकर स्वरा ने कहा कि, ''सर, महिलाओं को रेप का शिकार होने के अलावा जिंदा रहने का भी हक है । पुरुष का मतलब आप जो भी समझते हो-पति, रक्षक, मालिक, महिलाओं की सेक्शुअलिटी तय करने वाले, उनकी मौत के बावजूद महिलाओं को जीवित रहने का हक है''। खैर अब स्वरा अपने इस लैटर के चलते सोशल मीडिया पर खूब ट्रोल भी हो रही हैं।

If you write same letter on "Triple Talak" and "Halala".. Then it will be very educative. By the way story is about 700 years ago and Sati pratha is not exist in Society now , it's banned and also one thing during Johar what Rani padmini thinks , we can not predict her situation.

— Bhupendra Bhoi (@bvbhoi) January 28, 2018

लोग उन्हें कह रहे हैं कि इससे बेहतर आप तीन तलाक पर लिखती तो अच्छा होता। तो कोई कह रहा है कि, यदि कोई गुलामी पर फिल्म बनाता है तो ऐसा नहीं है कि गुलामी का मंहिमामंडन किया जा रहा है । फिलहाल देखते हैं कि संजय लीला भंसाली इस पर क्या कहते हैं।