7 साल बाद 'आजाद' होंगे स्वामी असीमानंद


नई दिल्ली(24 मार्च): बहुचर्चित समझौता ब्लास्ट केस में दिसंबर 2010 से ही जेल की सजा काट रहे मुख्य आरोपी स्वामी असीमानंद को कोर्ट से मक्का मस्जिद मामले में राहत मिली है। असीमानंद को हैदराबाद की अदालत ने बेल दे दी है।


- राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को असीमानंद को मिली बेल की कॉपी शुक्रवार को मिलेगी, जिसके बाद ही यह फैसला किया जाएगा कि असीमानंद की बेल को चैलेंज किया जाना है या नहीं।


- एजेंसी ने 2007 के समझौता ट्रेन ब्लास्ट केस पर बेल का विरोध नहीं किया था। असीमानंद समझौता ट्रेन ब्लास्ट के मुख्य आरोपियों में से एक थे। 2014 में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने असीमानंद को इस मामले में जमानत दे दी।


-असीमानंद को अब दोनों मामले के लिए 50-50 हजार रुपए जामनत की तौर पर जमा करने होंगे। वह समझौता ब्लास्ट केस के लिए बेल बॉन्ड भर चुके हैं।


-अभिनव भारत के सदस्य असीमानंद को पिछले महीने ही जयपुर की अदालत ने अजमेर दरगाह ब्लास्ट मामले में लिए बरी किया है। सूत्रों का कहना है कि एजेंसी NIA जयपुर कोर्ट के असीमानंद को बरी करने वाले ऑर्डर को गंभीरता से ले रही है और उस पर कानूनी सलाह लेने का मन बना रही है।


-NIA ने गुरुवार को जयपुर कोर्ट से यह भी जानना चाहा कि अजमेर ब्लास्ट मामले में साध्वी प्रज्ञा को मिली क्लीन चिट को कैसे क्लेरिफाइ किया जा सकता है। अदालत ने बुधवार को देवेंद्र गुप्ता और भावेश पटेल को उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने NIA से कहा कि बिना कोई क्लेजर रिपोर्ट पेश किए सिंह को मिली क्लीमचिट को क्लेरिफाइ कर सकते हैं।


-वरिष्ठ आरएसएस कार्यकर्ता इंद्रेश कुमार के साथ साध्वी प्रज्ञा शुरू में अजमेर ब्लास्ट केस में संदिग्ध थे लेकिन NIA ने चार्जशीट में उनका नाम नहीं लिखा क्योंकि उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं थे।


-NIA के एक सूत्र ने बताया कि हमने गुरुवार को कोर्ट को सूचना दी कि उन दोनों के खिलाफ सबूत ने होने के कारण हम एक क्लोजर रिपोर्ट फाइल कर सकते हैं।