अमेरिका में भारतीयों पर हमले के बारे में बोलीं सुषमा

नई दिल्ली(15 मार्च): विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अमेरिका में भारतीयों पर हो रहे हमले पर लोकसभा में जवाब दिया है। सुषमा ने कहा, ''मैं स्वास्थ्य लाभ जरूर ले रही थी, लेकिन मैं घटनाओं पर नजर रखे हुए थी। अगर विदेशों में भारतीय संकट में हों तो हमारी सरकार न कभी चुप बैठी है, न कभी चुप्पी साधेगी। प्रधानमंत्रीजी भी चुनाव प्रचार में व्यस्त थे, लेकिन वे हर दिन पूछते थे कि विदेशों में रह रहे भारतीयों के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।''

- दरअसल, सुषमा स्वराज अमेरिका के कंसास में पिछले महीने हुई गोलीबारी की घटना का जिक्र कर रही थीं। इस हमले में एक भारतीय इंजीनियर श्रीनिवास की मौत हो गई थी। जबकि दूसरा भारतीय आलोक मदसानी घायल हो गया था।

- सुषमा ने अपने बयान में कहा, ''इन घटनाओं पर अमेरिकी राजनीतिक नेतृत्व, उनकी तुरंत प्रतिक्रिया और समन्वय ने हमें विश्वास दिलाया है कि भारतीयों का अहित नहीं होगा। प्रेसिडेंट डोनाल्ट ट्रम्प ने खुद इन घटनाओं की निंदा की है। वहां जो हिंसा हुई, वह मुट्ठीभर लोगों का काम है। वहीं, इयान ग्रिलट भी अमेरिकी नागरिक ही हैं जो दो भारतीयों की जान बचाने के लिए हिम्मत दिखाते हुए आगे आए।''

-सुषमा यहां उस शख्स का जिक्र कर रही थीं जिसने कंसास के एक बार में शूटिंग के दौरान श्रीनिवास और आलोक की मदद करने की कोशिश की थी। इस कोशिश में इयान खुद घायल हो गए थे।

- सुषमा ने कहा, ''विदेशों में बसे भारतीयों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम अमेरिका से लगातार बात कर रहे हैं। हमारे दूतावास और कॉन्स्यूलेट संपर्क बनाए हुए हैं। हम विदेशों में रहने वाले भारतीयों को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि को लेकर सर्तक हैं।''

- ''जिस दिन सदन में जब इस मुद्दे पर चर्चा हो रही थी मैं टीवी के सामने बैठकर उस चर्चा को सुन रही थी। (कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन) खड़गेजी ने एक आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि सरकार चुप्पी साधे हुए है। अंत में कहा कि सरकार चुप्पी क्यों साधे हुए है।''

- ''मैं खड़गेजी और पूरे सदन को बताना चाहूंगी कि कोई भारतीय विदेश में संकट में हो और हम चुप्पी साधे रखें, ये संभव ही नहीं है। यह हमारी कार्यशैली ही नहीं है। पूरा सदन और पूरा देश जानता है कि विदेश में कोई भी भारतीय संकट में आता है, हम 24 घंटे में उसकी पीड़ा का निराकरण करने का प्रयत्न करते हैं। सरकार कभी चुप्पी नहीं साधेगी।''

- ''जब ये घटना हुई थी तब प्रधानमंत्री चुनाव प्रचार में थे लेकिन वे हर दिन पूछते थे कि विदेश मंत्रालय क्या कदम उठा रहा है। मैं स्वास्थ्य लाभ ले रही थी। मेरा रिकवरी पीरियड कर रही थी। लेकिन मैं व्यक्तिगत रूप से नजर रखे हुए थी।''

- सुषमा ने कहा, ''कंसास की घटना के दिन ही मैंने श्रीनिवासन के पिता, पत्नी, छोटे भाई से बात की। मैंने जब फोन किया तो श्रीनिवास की पत्नी सुनयना सोई हुई थीं। मैंने उनके परिवार से कहा कि उन्हें जगाएं नहीं। बाद में सुनयना ने खुद भारतीय राजदूत को लिखे लेटर में हमारे प्रयासों की तारीफ की।''

- ''श्रीनिवास के परिवार के पांच लोगों ने मुझसे मिलने का वक्त सिर्फ इसलिए मांगा था कि वे मेरा शुक्रिया अदा करना चाहते थे।''

- ''यही नहीं, जब अमेरिका में एक सिख गोलीबारी में घायल हुआ और हमने मदद पहुंचाई तो उसके पिता ने मुझे फोन कर कहा कि पुत्तरजी, मेरा पुत्तर ठीक है। मैं कदी किसी मिनिस्टर नू ऐ नई सुनया कि वो गल करदां सीदा... पर तुस्सी गल करदां। (मैंने पहले ऐसा कभी नहीं सुना कि कोई मंत्री इस तरह से सीधे बात करता है)''

- सुषमा 3 मार्च को अमेरिका में दीप राय नाम के अमेरिकी सिख को गोली मारे जाने की घटना का जिक्र कर रही थीं। गोली राय की बांह में लगी थी। दीप को गोली मारने वाले शख्स ने चिल्लाकर कहा था कि अपने देश वापस चले जाओ।

- सुषमा ने कहा, ''इस सदन में अमेरिका की तरफ से जारी एडवाइजरी का भी जिक्र हुआ था। मैं बताना चाहूंगी कि भारत के खिलाफ कोई एडवाइजरी जारी नहीं हुई थी। भारत के विशेष संदर्भ में कुछ बातें आती हैं जो इंटेलिजेंस इनपुट पर बेस्ड होती हैं। इस तरह के यात्रा परामर्श जारी करना एक प्रथा है।''