इराक में 2014 से लापता हैं 39 भारतीय, विदेश मंत्री ने सुरक्षित लाने का दिया भरोसा


नई दिल्ली (16 जुलाई): इराक के मोसूल से 2014 से 39 भारतीय लापता हैं। विदेश मंत्रालय को आशंका है कि ये भारतीय नागरिक वहां के जेलों में कैद हो सकते हैं। विदेश मंत्रालय को जानकारी मिली है कि ये लोग मोसुल के पास स्थित बादुश गांव में एक जेल में कैद हैं। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया है कि बादुश में लड़ाई शांत होने के तत्काल बाद लापता भारतीय की तलाश तेज कर दी जाएगी और उन्हें वापस लाने के लिए हर मुमकिन कोशिश की जाएगी।

इससे पहले सुषमा स्वराज ने विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह और एमजे अकबर के साथ सभी लापता 39 भारतीयों के परिवारों से मुलाकात की। तीनों मंत्रियों से लापता लोगों के परिजनों को भरोसा दिया कि वे उनके अपनों को सुरक्षित भारत लाने में उनकी हरसंभव कोशिश करेंगे। लापता भारतीयों में अधिकतर पंजाब के हैं। 

पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद सुषमा स्वराज ने कहा कि जिस दिन इराक के प्रधानमंत्री ने ISIS से आजादी का ऐलान किया, उसी दिन मैंने वीके सिंह को इरबिल जाने के लिए कहा। वहां सूत्रों ने उन्हें बताया कि लापता भारतीय संभावित तौर पर बादुश की किसी जेल में बंद हैं। पर यहां जंग अभी खत्म नहीं हुई है। 

विदेश मंत्री ने इराक स्थित भारतीय दूतावास और हवाईअड्डों पर काम कर रहे एयर इंडिया के अधिकारियों को भी लापता भारतीयों के बारे में जानकारी जुटाने को कहा है। आपको बता दें कि 2014 में ISIS के आतंकियों ने इराकी फौज को हराने के बाद मोसुल शहर पर कब्जा कर लिया था और उसी वक्त से ये भारतीय लापता हैं।