इसलिए नौकरी छोड़ते हैं भारतीय कर्मचारी

नई दिल्ली (18 फरवरी): हाल ही में एक सर्वे में सामने आया है कि भारत में काम करने वाले प्राइवेट कर्मचारी अपनी नौकरी से काफी दिन खुश नहीं रहते और जल्‍द ही एक कंपनी को छोड़कर दूसरी में जा रहे हैं। हालांकि पिछले पांच सालों में देश में नौकरी छोड़ने वाले कार्मिकों की संख्या में कमी जरूर आयी है।

यह सर्वे एऑन हैविट की ओर से 700 कंपनियों पर किया गया है। सर्वे में बताया गया है कि 2009 में वित्‍तीय संकट के बाद से नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों की संख्‍या आज की तुलना में 16.3 फीसदी ज्यादा थी।

इस सर्वे में भारतीयों को नौकरी छोडने के पांच कारणों के बारे में भी बताया गया है जिनसे पता चलता है कि भारतीय क्यों अपनी नौकरी छोडते है।

भारतीयों के नौकरी छोडने के पांच कारण: 1- नौकरी छोड़ने का सबसे पहला और बड़ा कारण वेतन वृद्धि होता है। भारतीय वेतन में समय पर बढोत्तरी नहीं होने के कारण अधिकतर असंतुष्‍ट रहते है जिसके कारण नौकरी छोड़ते है।

2- प्राइवेट कंपनियों में ग्रोथ के चांस नही मिलने पर भी कर्मचारी निराश रहते है। इसके कारण भी बड़ी संख्‍या में कर्मचारी नौकरी छोड़ते हैं।

3- उच्च स्तरीय शिक्षा लेने के लिए भी कर्मचारियों का नौकरी छोडना।

4- किसी भी कंपनी में ऑलराउंडर की भूमिका निभाने के कारण कई कर्मचारी नौकरी छोड़ते हैं।

5- नौकरी छोडने के कारणों में टॉप पर रहता है बॉस के साथ नहीं बनने का कारण। इस वजह से भी भी बड़ी संख्‍या में लोग नौकरी छोड़ देते हैं।