एक ऐसा राज्य जहां एक दिन में नशे के लिए उड़ा देते हैं 20 करोड़ रुपए

नई दिल्ली (24 जून): नशे को लेकर पंजाब सरकार एक बार फिर कटघरे में नजर आ रही है। AIIMS द्वारा जारी किए गए चौंकाने वाले सर्वे रिपोर्ट्स के बाद पंजाब सरकार विभिन्न रेडियो और प्रिंट विज्ञापन अभियान के जरिए इसका जवाब देने की कोशिश में है। 

एम्स द्वारा किए गए एक सर्वे में यह पाया गया है कि राज्य में रोजाना 20 करोड़ से अधिक नशीले पदार्थों की खपत हो रही है। इस सर्वे रिपोर्ट में कहा गया है कि पंजाब में हर वर्ष 7,300 करोड़ रुपए का ड्रग्स का कारोबार हो रहा है।  

इस अध्ययन को लेकर पंजाब सरकार ने कहा था कि यह अध्ययन राज्य की छवि खराब करने की साजिश के तहत की गई है। लेकिन सरकार का यह बयान उसी के लिए उल्टा पड़ गया क्योंकि, एम्स द्वारा किए गए इस अध्ययन में खुद सरकार के स्वास्थ्य और अन्य विभाग के लोग शामिल थे।

यह अध्ययन राज्य 10 जिलों में कराया गया, जिसमें भटिंडा, फिरोजपुर, गुरुदासपुर, होशियारपुर, जलंधर, कपुरथला, मोगा, पटियाला, संगरूर और तर्न तारण शामिल है। इन 10 जिलों में राज्य की 60 फीसदी जनता रहती है।

इस अध्ययन की टीम को मिनिस्ट्री ऑफ सोशल जस्टिस एंड एंपावरमेंट (MoSJE) द्वारा गठित किया गया था। 2014 के दौरान इस अध्ययन को युवा प्रोत्साहन समिति (SPYM) और AIIMS के नेशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर (NDDTC) विभाग की एक शोधकर्ताओं की टीम ने किया था।   इस अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने 10 जिलों के 3,620 नशा करने वाले लोगों से बात की और पाया कि राज्य में नशा करने वाले 76 फीसदी लोगों की उम्र 18 से 35 साल के बीच है। इनमें से 99 फीसदी पुरुष और विवाहित थे। 

अध्ययन के अनुसार पूरे राज्य में 89 फीसदी नशे के आदी लोग पढ़े-लिखे हैं। इनमें 21 फीसदी लोग किसान हैं। 27 फीसदी खेतों में काम करने वाले मजदूर, 15 फीसदी लोग व्यापारी, 14 फीसदी लोग ट्रांसपोर्ट वर्कर्स और 13 फीसदी लोग कुशल मजदूर हैं। इसके अलावा बचे 10 फीसदी में स्कूली बच्चे और सरकारी कर्माचारी शामिल हैं।

अध्ययन के अनुसार राज्य में नशा करने वाले 8.6 लोगों में 2,32,856 लोग किसी न किसी पर आश्रित हैं। राज्य में एक हेरोइन का इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति औसतन एक दिन में 1400 रुपए ड्रग्स पर खर्च कर देता है। वहीं अफीम का इस्तेमाल करने वाले लोग एक दिन में औसतन 340 रुपए खर्च करते हैं और दवा का इस्तेमाल करने वाले लोग 265 रुपए।

पंजाब में इन दिनों सबसे अधिक इस्तेमाल हेरोइन का किया जा रहा है जो कि 53 फीसदी है। वहीं 33 फीसदी लोग अफीम का इस्तेमाल करते हैं और 14 फीसदी लोग दवाओं का सेवन करते हैं। 

पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गुरुवार को इस अध्ययन को सही करार देते हुए कहा कि यह अध्ययन देश के प्रमुख संस्थान द्वारा पंजाब हे्ल्थ डिपार्टमेंट के सहयोग से किया गया है। उन्होंने कहा कि बादल का भी डोप टेस्ट होना चाहिए, क्योंकि वे लोगों की समस्या के लिए जिम्मेदार हैं।