चीनःपाक दोस्त, इस्लाम दुश्मन, शिनजियांग के मुसलमानों के पासपोर्ट जब्त

नई दिल्ली (28 नवंबर): पाकिस्तान को 51 बिलियन डॉलर की मदद करने वाले चीन ने अपने शिनजियांग प्रांत में रहने वाले अधिकाशं मुसलमानों के पासपोर्ट जब्त कर लिये हैं। चीन को आशंका है कि पाकिस्तान के आतंकी गुट शिनजियांग के लोगों के संपर्क में हैं। धार्मिक कट्टरवाद को हवा देकर ये आतंकी चीन में भी उपद्रव करवा सकते हैं। इसलिए शिनजिय़ांग के लोग चीन से बाहर जाने के बाद किन-देशों मे किन लोगों से मिल रहे हैं। इसका पूरा डेटा बेस बनाया जा रहा है। जिन लोगों ने पासपोर्ट जमा नहीं किये हैं उन्हें शीघ्र ही स्थानीय पुलिस स्टेशन में पासपोर्ट जमा करने के निर्देश दिये हैं।

इससे पहले चीन की शी जिनपिंग सरकार ने सभी मुसलमानों को अपने यहां होने वाले खतने से लेकर मैयत तक की जानकारी स्थानीय प्रशासन को देने की बाध्यता लागू की थी। हालांकि, शिनजियांग के धार्मिक मामलों के प्रशासक वांग जुआंग ने कहा है कि मुस्लिमों के पासपोर्ट विशेष जांच के लिए जमा करवाये गये हैं, उन्हें जब्त नहीं किया जा रहा है। लेकिन पूरे शिनजियांग में पासपोर्ट जमा करवाने के फरमान से असमंजस और अनिश्चितता का महौल है। चीन में मुसलमानों के साथ दोयम दर्जे के नागरिकों जैसा व्यवहार किया जाता है।

वांग ने कहा कि हम मुस्लिमों के विश्वास और मूल्यों का सम्मान करते हैं, लेकिन राजनीति, शिक्षा और न्याय के क्षेत्रों में धार्मिक दखल को सहन नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि चीन में नई बनने वाली मस्जिदों के आर्किटेक्ट में चीनी शिल्पकला की झलक दिखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मस्जिदों के आर्किटेक्ट में विदेशी स्टाइल की नकल नहीं करनी चाहिए।