#SurgicalStrike पर सबसे बड़ी गवाही सिर्फ न्यूज 24 पर

आसिफ सुहाफ, लीपा (5 अक्टूबर): 28-29 सितंबर की रात जब हम और आप चैन की नींद सो रहे थे। अमावस्या की रात थी, अंधेरा इतना की कुछ फीट की दूरी पर खड़े आदमी को भी देखना बहुत मुश्किल था। इसी अंधेरे का फायदा उठाते हुए इंडियन आर्मी के एलिट कमांडोज दुश्मन के इलाके में दाखिल हुए आतंकियों का काम तमाम करने के लिए। आतंकियों के लॉन्च पैंड तबाह करने के लिए। आर्मी ने जहां सर्जिकल स्ट्राइक की उसमें से एक जगह लिपा थी।

न्यूज़ 24 संवाददाता आसिफ सुहाफ लीपा से सटे हिंदुस्तान के आखिरी गांव में अपने कैमरा और माइक के साथ पहुंचे ये जानने के लिए आखिर, उस रात हुआ क्या था?

- पीओके के लिपा में सर्जिकल स्ट्राइक हुआ वहां से सिर्फ आठ किलोमीटर की दूरी पर है पुटवारी गांव।

- इसी गांव के लोगों ने 29 सितंबर की रात सुनी थी फायरिंग की आवाज़ें। इसी पुटवारी गांव में पहुंचे न्यूज़ 24 के रिपोर्टर आसिफ सुहाफ।

- पुटवारी गांव के लोग गवाही दे रहे हैं कि लीपा में हुआ था सर्जिकल ऑपरेशन।

- गांव के लोगों का दावा है कि एक दो नहीं बल्कि कई सबूत हैं जिसे पाकिस्तान झुठला नहीं सकता।

28-29 सितंबर की रात भारतीय फौज के एलिट कमांडोज केल, लिपा, हॉट स्पिंग, भिम्बेर और दुधनियाल में सर्जिकल हमला किया। ये चारों गांव पीओके में पड़ते हैं। मतलब, लाइन ऑफ कंट्रोल के उस पार जहां पाकिस्तानी फौज तैनात है।

न्यूज़ 24 संवाददाता आसिफ सुहाफ सर्जिकल हमले वाली रात का पूरा सच जानने के लिए लीपा से सटे पुटवारी गांव पहुंचे।

- जम्मू-कश्मीर के हंदवाडा सेक्टर का ये गांव बिल्कुल लीपा से सटा हुआ है। इस गांव को लीपा से LoC अलग करती है।

- न्यूज़ 24 ने जब सर्जिकल ऑपरेशन की रात का सच पुटवारी गांव के लोगों से जानना चाहा तो उनका जवाब था कि रात में बहुत फायरिंग हो रही थी।

- पुटवारी गांव के लोगों को उस रात नींद नहीं आ रही थी। अमावस्था की काली रात में इतनी फायरिंग लोगों के मन में कई सवाल पैदा कर रही थी।

- लोगों ने अपनी पूरी जिंदगी में कभी इतनी फायरिंग नहीं देखी थी। पुटवारी गांव के आसमान में रात में लगातार हेलीकॉप्टर उठ रहे थे।

- फौजी बूटों की आवाज लगातार लोगों को सुनाई दे रही थी। लीपा घाटी के लोगों की जान सुखी हुई थी।

- अगली सुबह पुटवारी गांव लोगों को पता चला कि भारतीय फौज ने लीपा घाटी में LoC के पार जाकर सर्जिकल हमला किया है।

- भारतीय फौज लीपा घाटी में LoC पार कर करीब तीन किलोमीटर अंदर तक गई। इंडियन आर्मी के पारा कमांडोज ने लिपा घाटी में आतंकियों के लॉन्च पैंड पर हमला किया।

- वहां करीब छोटे-छोटे 20-25 घर हैं। हिंदुस्तान के सर्जिकल स्टाइक का असर हंडवाडा के इस पुटवारी गांव के लोगों की आंखों ने दूर से ही देखा।

- इनके कानों ने घंटों तक रात में फायरिंग और धमाके की आवाज सुनी।

अब पुटवारी गांव के लोगों को डर सता रहा है कि कहीं पाकिस्तान उनके गांव पर हमला न कर दे। इस गांव के लोग चाहते हैं कि लिपा घाटी में अंडरग्राउंड बंकर बनाए जाएं, जिससे किसी भी खतरे की स्थिति में लोग बंकर में छिप कर अपनी जान बचा सकें। हिंदुस्तानी फौज के सर्जिकल हमले का सबूत पुटवारी गांव के हर शख्स के बाद हैं। इनके कानों ने वो आवाजें सुनी हैं जिन्हें ये ताउम्र नहीं भूल सकते। सुबह में दूर से इस गांव के लोगों ने लीपा में मातम देखा है, पाकिस्तानी फौज की बेचैनी देखी है।

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