फिर सर्जिकल स्ट्राइक करेगी सेना! ऑर्मी चीफ की पाकिस्तान को चुनौती

आसिफ सुहाफ, शिवांग माथुर, नई दिल्ली (27 सितंबर): सर्जिकल स्ट्राइक का एक साल पूरा हो गया है। एक साल पहले घर में घुसकर पाकिस्तान का जबड़ा तोड़ने वाली भारतीय सेना एक के बाद एक मुठभेड़ में आतंकियों को यमलोक भेज रही है। सेना प्रमुख बिपिन रावत भी हिंदुस्तान की सरहद में घुसने वाले आतंकियो को उनके नए ठिकाने का ऐलान कर दिया है। सर्जिकल स्ट्राइक की पहली सालगिरह के मौके पर सेना प्रमुख ने कहा है कि वो आएंगे तो अपनी मर्जी से, लेकिन जाएंगे सेना की मर्जी से और वो जगह होगी ढाई फीट जमीन के नीचे।

मतलब साफ है हिंदुस्तान की तरफ आंख उठाने की जुर्रत कि तो अंजाम तय हैं, सेना ने ठान लिया है कि दहशतगर्दी और दहशतगर्दों की हिंदुस्तान में कोई जगह नहीं है और अगर जगह मिलेगी भी तो सिर्फ ढाई फुट जमीन के नीचे ही मिलेगी। आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत का ये अंदाज़ बताने के लिए काफी है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ सेना किस हद तक आगे बढ़ चुकी है और फौज की रणनीति क्या रहने वाली है। जनरल विपिन रावत ने ये बात सर्जिक स्ट्राइक के एक साल पूरे होने पर आयोजित एक कार्यक्रम में कही।

मौका सर्जिकल स्ट्राइक पर लिखी गई किताब 'इंडिया मोस्ट फीयरलेस' के विमोचन का था। इस किताब में लिखा है कि 28 से 29  सितंबर की रात को सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए सेना ने कैसे पाकिस्तान से उरी हमले का बदला लिया था। कैसे सेना के कमांडो एलओसी के उस पार जाकर आतंकवादी कैंप को तबाह कर सुरक्षित लौट आए थे और 50 से ज्यादा आतंकियों की लाशें गिरा दी थी। जनरल रावत ने ये भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो सर्जिकल स्ट्राइक जैसे ऑपरेशन को फिर से दोहराया जा सकता है।

सर्जिकल स्ट्राइक की पहली सालगिरह पर जिस तरह से सेना प्रमुख ने आतंकवाद से निबटने को लेकर अपनी राय जाहिर की है उससे ये भी साफ हो गया ही कि मोदी सरकार ने आतंकवाद से निबटने के लिए सेना को खुली छूट दे दी है।