इसलिए सार्वजनिक नहीं कर सकते सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत

नई दिल्ली (6 अक्टूबर): पीओके में जाकर सेना के द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक करने को लेकर भारत सरकार ने सबूत सार्वजनिक नहीं करने का निर्णय लिया है। सूत्रों ने बताया कि ऐसा करना बड़ी लापरवाही होगी।

सरकार के वरिष्ठ सूत्रों ने बताया कि इस ऑपरेशन से जुड़े वीडियो, तस्वीरें और इन्फ्रारेड फोटो को जारी करना बड़ी असावधानी होगी। केंद्र का मानना है कि इससे ऑपरेशन की जानकारियां और आतंकी लॉन्च पैड्स के पास जाने के लिए सेना द्वारा इस्तेमाल किए गए साधनों से जुड़ी जरूरी जानकारियां भी सार्वजनिक हो जाएंगी।

बताया जा रहा है कि सेना ने जिन आतंकी लॉन्च पैड्स को निशाना बनाया, उनमें से कम-से-कम 2 ऐसे हैं जो कि नियंत्रण रेखा के पार पाकिस्तानी सेना की पॉजिशन के साथ बने हुए थे। एक सूत्र ने बताया, 'सबूत जारी करना या फिर इन्हें कुछ चुने हुए लोगों के सामने पेश करने का फैसला सर्वोच्च नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा, बशर्ते ऐसा करने की जरूरत महसूस की जाए।'

फिलहाल तो रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल और सेना प्रमुख दलबीर सिंह सुहाग सहित कई अन्य लोग सबूत सार्वजनिक नहीं किए जाने के पक्ष में हैं।