भारत के सर्जिकल स्ट्राइक पर विदेशी मीडिया ने ऐसे खोली पाकिस्तान की पोल

नई दिल्ली (29 सितंबर): 19 सितंबर 2016 को जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में सेना के बेस कैंप पर आतंकियों ने हमला कर दिया था। इस हमले में 17 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। पिछले 20 सालों में भारत पर ये सबसे बड़ा आतंकी हमला था। इस हमले के बाद देशभर में पाकिस्तान को और उसके आतंकियों को सबक सिखाने की मांग जोर से उठ रही थी। इन सबके बीच 28-29 सितंबर 2016 को भारत के 19 पैरा कमांडोज चीते की चाल से तेज और बाज की दृष्टि से भी सटीक ढंग से पाकिस्तान में घुसकर 40 से 50 आतंकियों को ठिकाने लगाकर कम से कम उनके 7 ठिकाने को नेस्तनाबूत कर अपने सीमा शान से लौट आए। 

29 सिंतबर को दोपहर होते-होते चारों तरफ भारतीय सेना की जांबाजी की खबरें चर्चा में आ गई। लेकिन शैतान पाकिस्तान भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक की बात से इनकार करने लगा और इस सच पर हर संभव पर्दा डालने की कोशिश में जुट गया। लेकिन अंतर्राष्ट्रीय मीडिया ने पाकिस्तान की इस हरकत को बेपर्दा कर दिया। विदेशी मीडिया ने न केवल भारतीय सेना के पेशेवर अंदाज को सराहा, बल्कि यहां तक कहा कि ऐसा कोई आधार नहीं कि भारतीय दावों को नकारा जा सके। 

भारत के सर्जीकल स्ट्राइक पर विदेशी मीडिया का रूख...

- बीबीसी और अलजजीरा ने गुलाम कश्मीर में सीमित सैन्य कार्रवाई (सर्जिकल स्ट्राइक) पर पाकिस्तान के दावे की कलई खोल दी थी। पाकिस्तान इस तरह की कार्रवाई को भ्रामक बताने पर अड़ा था। 

- बीबीसी ने अपनी रिपोर्ट में एक पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी के हवाले से कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक बुधवार की देर रात शुरू हुई थी। यह करीब छह घंटे तक चली थी। पाकिस्तान के आतंकियों ने हमले की योजना बनाई थी और इन्हें रोकने के लिए ही यह कार्रवाई की गई।

- अलजजीरा ने भी कहा था कि जहां यह सैन्य कार्रवाई की गई, वहां के स्थानीय लोग भी डर गए थे। पाक सीमा में रहने वाले स्थानीय निवासियों में से एक सैफुल्लाह ने बताया था कि जब गोलियां चलनी शुरू हुई तो आसपास के लोग डर गए थे।

- 'न्यूयार्क टाइम्स' ने कहा था कि सर्जिकल स्ट्राइक से पाकिस्तान परेशान हो गया था।

- 'वाशिंगटन पोस्ट' ने कहा था कि हाल के वर्षों में पाकिस्तान पर भारत की यह सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई है।

- ब्रिटेन के 'द टेलीग्राफ' ने कहा थी कि भारतीय जवानों ने गुलाम कश्मीर में घुसकर छह से आठ आतंकी कैंपों पर हमले किए। इन कैंपों में वे लोग थे जो घुसपैठ कर भारत में आतंकी घटनाओं को अंजाम देना चाहते थे।