INSIDE STORY: #PAK में #SurgicalStrike का बड़ा असर, #ISI चीफ पर गिरेगी गाज, जानिए ISI की काली करतूतों की काली कहानी...

डॉ. संदीप कोहली,

नई दिल्ली (8 अक्टूबर): PoK में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान में बुरी तरह से खलबली मची हुई है। दुनिया में अलग-थलग पड़ चुका पाकिस्तान अब अपने घर में ही घिर गया है। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद जहां PoK में आतंकी कैंपों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं तो वहीं पक्ष-विपक्ष के सांसद सब मिलकर दोनों 'शरीफों' को खरी-खोटी सुनाने में लगे हैं। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान में जिस एजेंसी पर सबसे ज्यादा सवाल उठ रहे हैं वो है पाकिस्तान की इंटर सर्विस इंटेलीजेंस (ISI)। पाकिस्तानी अखबारों ‘द नेशन’, 'द न्यूज' और 'डॉन' में छपी खबरों के मुताबिक पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के चीफ रिजवान अख्तर को आने वाले दिनों में हटा दिया जाएगा। रिजवान अख्तर ने नवंबर 2014 में ISI चीफ का पदभार संभाला था। ISI चीफ का कार्यकाल 3 साल का होता है। इस लिहाज से रिजवान को नवंबर 2017 तक इस पद पर रहना था। लेकिन अब उनको हटाए जाने की खबरें आ रही हैं। रिजवान अख्तर को हटाने का मतलब साफ है कि भारत के PoK में ऑपरेशन के बाद सरकार और सेना पर भारी दबाव है। रिजवान अख्‍तर को जनरल राहिल शरीफ का करीबी माना जाता है। राहिल शरीफ नवंबर में रिटायर होने वाले हैं और ISI चीफ को हटाने का फैसला राहिल शरीफ के एक्सटेंशन पर भी निर्भर करेगा। 

नवाज शरीफ और राहिल शरीफ में सामने आई टकराहट... - मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही नवाज शरीफ और राहिल शरीफ में जबरदस्त टकराहट चल रही है।  - भारत के PoK में सर्जिकल ऑपरेशन के बाद यह झगड़ा चरम पर पहुंच गया है। - 6 अक्टुबर को पाकिस्तान के अखबार डॉन में छपी खबर के मुताबिक दोनों शरीफ आमने-समाने आ गए है। - पाकिस्तानी सेना द्वारा आतंकियों के समर्थन को लेकर नवाज शरीफ ने जनरल शरीफ तो सबसे सामने सुनाया। - नवाज शरीफ ने राहिल शरीफ से साफ कहा कि जो हालात बनें उनमें पाकिस्तान दुनिया में अलग थलग पड़ा है। - सेना कोई भी कार्रवाई करे तो सरकार से राय विचार जरूर करे, एकतरफा कार्रवाई ना की जाए। - अगर सरकार की एजेंसियां बैन आतंकी संगठनों पर कार्रवाई करती है तो सेना कोई दखलअंदाजी ना करे।

नवाज के भाई शाहबाज शरीफ और ISI चीफ रिजवान में तू-तू, मैं-मैं... - एजाज चौधरी के प्रेंजेटेशन के बाद ISI चीफ जनरल रिजवान और शाहबाज शरीफ में हुई बहस। - ISI चीफ जनरल रिजवान ने जब कहा कि सरकार आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। - इस पर पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ उबल पड़े, उन्होंने ISI चीफ पर ही ठीकरा फोड़ दिया। - उन्होंने कहा कि राज्य प्रवर्तन एजेंसियां जब आतंकियों को पकड़ती है तो ISI उन्हें आजाद करा देती है।

नवाज शरीफ ने बनाए दो एक्शन प्लॉन... - नवाज शरीफ ने पाकिस्तान को दुनियाभर में अलग-थलग पड़ने के बचाने के लिए एक्शन प्लान बनाया है। - एक्शन प्लान को दो हिस्सों में बनाया गया, एक आतंकी संगठनों को शांत करना दूसरा भारत को संतुष्ट करना। - एनएसए नसीर जांजुआ की अगुवाई में प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने एक कमेटी बनाई है। - जिसका काम बैन होने के बाद नाम बदलने वाले संगठनों पर काबू करना है। - वहीं दूसरा प्लान भारत को संतुष्ट करने के लिए पठानकोट हमले की जांच नए सिरे से कराई जा सकती है। - रावलपिंडी में एंटी-टेररिज्म कोर्ट में चल रहे मुंबई हमले का ट्रायल भी दोबारा शुरू होगा।  - पर सवाल है कि हाफिज सईद, मसूद अजहर, लखवी जैसे आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

ISI का पूरा काला चिट्ठा...

- इंटर सर्विस इंटेलीजेंस यानी पाकिस्तान की सबसे बड़ी इंटेलीजेंस एजेंसी है। - ISI की स्थापना 1948 में एक ब्रिटिश अधिकारी आर. कैथोम ने की थी। - पूर्व में इसका मुख्यालय रावलपिंडी में था और इसे "इंटेलीजेंस ब्यूरों" के नाम से जाना जाता था। - वर्तमान में आईएसआई का मुख्यालय इस्लामाबाद में है और लेफ्टिनेंट जनरल रिजवान अख्तर इसके निदेशक हैं। - इस समय ISI में करीब 25 हजार अधिकारी और कर्मचारी है,ज्यादातर अधिकारी सेना से आते हैं। - 1950 में ISI को पूरे पाकिस्तान की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया। - 1980 में गुप्तचर सेवा के साथ-साथ अफगानिस्तान में तालिबान को बढ़ावा देने का काम किया। - 1990 का दशक आते-आते ISI कश्मीर में आतंकवादियों को समर्थन देने का काम करने लगी। - कई रक्षा जानकार इसे एक 'निरंकुश एजेंसी' कहते हैं जो एक 'अदृश्य सरकार' की भूमिका निभाती है। - ISI पर ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान में पनाह देने का आरोप भी लगा। - अमरीका के ब्रूकिंग्स इंस्टीट्यूशन आरोप लगा चुकी है कि आईएसआई और अल-कायदा के संबंध थे। - बेनजीर भुट्टो के करीबी और ब्रिटेन में पाकिस्तान के उच्चायुक्त रह चुके वाजिद शम्सुल हसन का कहना ह। - ISI देश का हिस्सा होते हुए भी यह सरकारी नियमों से बाहर है। - पाकिस्तान की विदेश नीति विदेश मंत्रालय द्वारा नहीं बल्कि ISI द्वारा संचालित होती है। - ISI के प्रमुख निदेशक रह चुके हैं,हामिद गुल, अश्फाक परवेज कयानी, नदीम ताज, शुजा पाशा।

भारत में आतंकी गतिविधियों की दिया अंजाम... - भारत में आतंकी गतिविधियों का अंजाम देने का काम करती है ISI।  - जिसकी शुरुआत 1988 से हुई है, इस दौरान उसने खालिस्तानी उग्रवाद को बढ़ावा दिया था। - 1999 में इंडियन एयरलाइन्स के विमान का अपहरण कर मसूद अजहर को छुड़वाने में बड़ी भूमिका निभाई। - 1993, 2006 और 2008 में मुंबई में हमला ISI ने ही करवाया। - और इसके सबूत भारत दुनिया के सामने रख चुका है। - जैश, लशकर जैसे ढेरों आतंकी संगठनों की पाकिस्तान में फैक्ट्री चला रहा। - PoK में आतंकी कैंपों में ट्रेनिंग और फंडिंग देने का काम करता है ISI। - एक रिपोर्ट के मुताबिक ISI भारत में आतंकी हमलों पर हर साल 1200 करोड़ रूपये खर्च करता है।