सर्जिकल स्ट्राइक को फर्जी बताने वाले अरुण शौरी के बदले सुर कहा- प्रचार के लिए इसका इस्तेमाल ठीक नहीं

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (28 जून):  सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक पर महज 2 दिन पहले सवाल उठाने वाले बीजेपी के बागी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी ने सफाई दी है। अरुण शौरी ने ये सफाई सेना की ओर से 29 सितंबर 2016 के सर्जिकल स्ट्राइक की वीडियो जारी करने के बाद दी है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि किसी ने भी कभी इसपर सवाल नहीं उठाया कि सेना ने पाकिस्तान में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम नहीं दिया। उन्होंने आगे कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक का प्रचार के लिए इस्तेमाल करने और इसके बारे में दावा करने के लिए कि 'मेरी छाती 56 इंच है मैंने पाकिस्तान को उचित जवाब दिया, यह गलत है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये कोई पहला सर्जिकल स्ट्राइक नहीं था। पहले भी दोनों देशों की तरफ से ऐसे स्ट्राइक होते रहे हैं और सभी लोग इसपर चुप्प रहते हैं। अगर ऐसी ही घटना अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान होती और उनसे कोई इस स्ट्राइक के बारे में पूछता तो वह अपनी आंखें घुमाते और उससे ही पलटकर पूछ देते, ''वाकई स्ट्राइक हुई है।'' आज सरकार की विश्वसनीयता कम हो चुकी है। इसलिए वह इस तरह के वीडियो लोगों को उपलब्ध करा रहे हैं।

अरुण शौरी ने उन रिपोर्ट को भी खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक को फर्जीकल स्ट्राइक करार दिया है। उन्होंने कहा, दो चैनल के रिपोर्टरों ने मेरे शब्दों को गलत ढंग से परिभाषित किया। मैंने सेना का अपमान किया था। मैंने फर्जीकल का इस्तेमाल इस घटना को ज्यादा प्रचारित करने के लिए किया था। आपको बता दें कि हाल ही में कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज की किताब 'कश्मीर: गिलम्पसेज ऑफ हिस्ट्री एंड द स्टोरी ऑफ स्ट्रगल' के विमोचन के मौके पर अरुण शौरी ने सर्जिकल स्ट्राइक को 'फ़र्जिकल स्ट्राइक' करार देते हुए आरोप लगाया था।