एक साल पहले आज ही के दिन भारतीय जांबाजों ने पाकिस्तान पर ऐसे किया था सर्जिकल स्ट्राइक

नई दिल्ली (29 सितंबर): आज से ठीक एक साल पहले भारतीय सैना के जांबाज सिपाहियों ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों के कई ठिकानों को नेस्तनाबूत कर दिया था। भारतीय सैनिकों ने 28-29 सितंबर 2016 को पाकिस्तान के अधीन गुलाम कश्मीर में जाकर आतंकियों के लॉन्च पैंड को तबाह कर दिया था।  भारतीय सैनिकों ने पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकियों के 7 लॉन्चिंग पैड तबाह कर दिया था। इस हमले में 40 से 50 आतंकी मारे गए थे।

इस सर्जिकल स्ट्राइक को 19 पैरा कमांडोज ने अंजाम दिया था। इसमें पैरा रेजिमेंट के चौथे और नवें बटालियान के एक कर्नल, पांच मेजर, दो कैप्टन, एक सूबेदार, दो नायब सूबेदार, तीन हवलदार, एक लांस नायक और चार पैराट्रूपर्स ने अंजाम दिया था। 

मेजर रोहित सूरी के नेतृत्व में 28-29 सितंबर की रात को 8 कमांडोज की टीम गुलाम कश्मीर के लिए रवाना हुई थी। सर्जिकल स्ट्राइक से पहले मेजर सूरी ने पूरे इलाके की रेकी की और जवानों को इंतजार करने को कहा। सुबह छह बजे होते ही भारतीय सेना आतंकियों पर टूट पड़े। इस दौरान मेजर सूरी ने जान की परवाह किए बिना दो आतंकियों का पीछा कर उन्हें नजदीक जाकर मार गिराया। 

नायब सूबेदार विजय कुमार को आतंकवादियों पर नजर बनाए रखने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक से एक दिन पहले ही गुलाम कश्मीर में भेज दिया गया था। सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान विजय कुमार ने जान की परवाह किए बैगर दो आतंकियों को मार गिराया और उनकी मशीनगनों को तबाह कर दिया। इसके बाद भी एक आतंकी ताबड़तोड़ फायरिंग कर रहा था जिसे विजय कुमार ने बड़ी बहादुरी के साथ मार गिराया। 

वहीं मेजर रजत चंद्रा की टीम सर्जिकल स्ट्राइक से दो दिन पहले 27 सितंबर को गुलाम कश्मीर के लिए रवाना हो गए थे। यहां उनकी टीम दो दिनों तक आतंकवादियों के लॉन्चपैड्स पर नजर बनाए हुए थे। जैसे ही मेजर सूरी की टीम ने जब गुलाम कश्मीर में आतंकियों पर हमला बोला तो उससे कुछ देर पहले ही मेजर रजत की टीम ने आतंकियों के हथियारों के भंडार को नष्ट कर दिया। 

इस दौरान एक आतंकी जब फायरिंग कर रहा था तो मेजर रजत ने जमीन पर रेंगते हुए आतंकी के पास पहुंचे और उसे मार गिराया। इस ऑपरेशन के दौरान कोई भी भारतीय जवान शहीद नहीं हुआ लेकिन एक पैराट्रूपर घायल हुआ। सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान पैराट्रूपर ने देखा कि दो आतंकी एक टीम पर हमला करने वाले है तो उसने उनका पीछा किया और इस दौरान उसका पैर एक माइन पर पड़ गया। इसके बाद हुए धमाके में उसके दायां पंजा उड़ गया। इसके बाद भी उस पैराट्रूपर ने जान की परवाह न करते हुए एक आतंकी को मार गिराया।