सूरत रेप केस में बड़ा खुलासा- 35 हजार में खरीदी गई थी बच्ची और उसकी मां

नई दिल्ली (21 अप्रैल): सूरत में मासूम बच्ची से रेप के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। शुक्रवार को अहमदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रान्च ने दावा किया कि उन्होंने 11 साल की बच्ची से रेप और हत्या की गुत्थी को मुख्य आरोपी की राजस्थान से गिरफ्तारी के बाद सुलझा लिया है। शुरुआती जांच में यह पता चला है कि बच्ची और उसकी विधवा मां को मुख्य आरोपी ने बंधुआ मजदूरी के लिए राजस्थान के गंगापुर से 35 हजार रुपये में खरीदा गया था। 

पुलिस के मुताबिक, हर्ष और हरि सिंह सूरत की एक मार्बल यूनिट में लेबर कॉन्ट्रैक्टर हैं, जबकि नरेश और अमर सिंह उनके लिए काम करते थे। 15 मार्च को हर्ष ने बच्ची और उसकी मां को एक शख्स से गंगापुर में 35 हजार रुपये में खरीदा। इसके बाद हर्ष सूरत लाकर दोनों से रेप करने लगा। महिला के विरोध की वजह से वह उसकी हत्या करना चाहता था।  20 मार्च को महिला लापता हो गई, जिसके बाद हरसाई ने लड़की को हरिसिन, जो तब गंगापुर में था, के रूम में छुपा कर रखा। 9 अप्रैल को घटनास्थल से कुछ किलोमीटर की दूरी पर एक महिला की लाश भी पाई गई थी।  डीसीपी क्राइम ब्रान्च दीपन भाद्रन ने कहा, 'हर्ष ने बच्ची के साथ कई दिनों तक रेप किया और बर्बरता की। 5 अप्रैल को उसने उसकी हत्या कर दी, क्योंकि उसे और दिनों तक छुपा कर रखना मुश्किल हो रहा था।' 

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा, इस हद तक हुई बच्ची से बर्बरता

पुलिस की जांच में पता लगा है कि बच्ची का शव सूरत में फेंकने से करीब सात दिन पहले उसे अगवा किया गया था। सात दिन तक उसे यातनाएं दी गईं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पता चला है कि उस मासूम के शरीर पर ब्लेड से घाव किए गए। जानवरों की तरह रेप किया गया और प्राइवेट पार्ट्स में गर्भाशय तक घाव किए गए। हैवानियत जब यहां तक भी शांत नहीं हुई तो गला दबाकर आखिरकार उसकी जान ले ली गई।