सूरत अग्निकांड: कोचिंग संचालक हिरासत में, 3 पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (25 मई): गुजरात के सूरत में स्थित तक्षशीला कॉम्प्लेक्स में आग लगने की घटना में मरने वालों की संख्या 21 हो गई है। मरने वालों में एक टीचर और 20 बच्चे शामिल हैं। आग के बाद अस्पताल में भर्ती लोगों में से तीन की हालत गंभीर बनी हुई थी, लेकिन इनको बचाया नहीं जा सका। इस हादसे के बाद 24 जुलाई तक रिहायशी और कमर्शियल इलाकों में चल रहे कोचिंग बंद करने का फैसला किया गया है। वहीं, गुजरात सरकार ने पीड़ित परिवारों को चार-चार लाख रुपए के मुआवजे का एलान किया है। 

इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। आरोपियों में हरसुल वेकरिया उर्फ एचके, जिज्ञेश सवजी पाघडाल और भार्गव बूटाणी शामिल हैं। पुलिस की प्राथमिक जांच में पता चला है कि हरसुल और जिज्ञेश ने बिल्डर से पूरी मंजिल खरीदी थी, उसके बाद अवैध निर्माण करवाया था. जबकि, भार्गव बूटाणी ड्राइंग क्लासेस का संचालक है। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की वजह सामने आ रही है।

बता दें कि सूरत के जिस कॉम्प्लेक्स में आग लगी वहां की चौथी मंजिल पर कोचिंग क्लास चल रही थी। कई बच्चों ने जान बचाने लिए चौथी मंजिल से छलांग भी लगा दी थी। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की वजह सामने आ रही है। जानकारी के मुताबिक, सबसे पहले आग बिल्डिंग के नीचे लगे ट्रांसफॉर्मर में लगी। इसके बाद ये आग बैनर में लगकर बिल्डिंग में फैल गई और आग ने विकराल रूप ले लिया, जब आग लगी तब कोचिंग में 40 बच्चे मौजूद थे। बताया जा रहा है कि बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर लकड़ी की सीढ़ी थी, जो आग लगने से पूरी तरह जल चुकी थी। इसलिए लोग नीचे नहीं उतर पाए और हादसे का शिकार हो गए।

हादसे पर गुजरात मुख्यमंत्री कार्यालय ने बयान जारी कर कहा, ‘’मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने आग की घटना की जांच के आदेश दिए हैं। सीएम रुपाणी ने घटना में जान गंवाने वाले हर छात्र के परिवार को 4 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है।’’ इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने कहा, ‘’सूरत में आग की घटना से बेहद व्यथित हूं। मृतकों के परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। मैंने गुजरात सरकार और स्थानीय प्रशासन से प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद देने के लिए कहा है।’