राफेल डील पर सुप्रीम कोर्ट में आज अहम सुनवाई

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 14 नवंबर ): केंद्र सरकार ने वायु सेना के लिए 36 राफेल लड़ाकू विमान सौदे की कीमत का जो ब्योरा सील बंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट को सौंपा हैं, उसकी जांच बुधवार को की जाएगी। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एसके कौल एवं न्यायमूर्ति केएम जोसेफ की पीठ इस मामले में अहम सुनवाई करेगी, जिसमें याचिकाकर्ता भी दलीलें देंगे। सरकार ने विमान की कीमतों का ब्योरा सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट को सौंपा था। याचिकाकर्ता दस्तावेजों में दर्ज बातों पर अपनी दलील दे सकते हैं।याचिकाकर्ताओं ने सौदे की अदालत की निगरानी में जांच की मांग की है। केंद्र ने सोमवार को 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने का आदेश देने के लिये निर्णय लेने की प्रक्रिया में उठाये गये कदमों का विवरण' शीर्षक वाला 14 पेज का दस्तावेज याचिकाकर्ताओं को सौंप दिया। सरकार ने राफेल विमान की कीमतों का ब्योरा सीलबंद लिफाफे में न्यायालय को दे दिया है। याचिकाकर्ता दस्तावेजों में दर्ज बातों पर अपनी दलील दे सकते हैं।इससे पहले, सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक 36 राफेल विमानों की खरीद के संबंध में किये गए फैसले के ब्योरे वाले दस्तावेज याचिकाकर्ताओं को सौंप दिए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दस्तावेजों के मुताबिक राफेल विमानों की खरीद में रक्षा खरीद प्रक्रिया-2013 में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया है।विमान के लिये रक्षा खरीद परिषद की मंजूरी ली गई और भारतीय दल ने फ्रांसीसी पक्ष के साथ बातचीत की। दस्तावेजों में कहा गया है कि फ्रांसीसी पक्ष के साथ बातचीत तकरीबन एक साल चली और समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति की मंजूरी ली गई।गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 31 अक्टूबर के सुनवाई को दौरान फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीद पर केन्द्र सरकार से ब्योरा मांगा था। सुप्रीम कोर्ट ने एनडीए सरकार से कहा था कि वह 10 दिनों के भीतर राफेल लड़ाकू विमानों से जुड़े ब्यौरे बंद लिफाफे में सौपें।