एक बार फिर मिल सकता है पुराने नोटों को बदलने का मौका!

नई दिल्‍ली (12 अप्रैल): अगर नोटबंदी के दौरान आप 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बदल नहीं पाए था तो आपके पास एक मौका अभी भी बचा हुआ है। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में कुछ राहत मिलने की उम्‍मीद की जा रही है।


रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट जुलाई में यह तय करेगा कि जो लोग उचित कारणों से या 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातों पर भरोसा करते हुए 30 दिसंबर 2016 तक पुराने नोट नहीं बदलवा सके, क्या उनके लिए सरकार को एक और मौका दिए जाने को कहा जाना चाहिए या नहीं। र्बादी


सुप्रीम कोर्ट में इस मामले से संबंधित याचिका पर सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने केंद्र सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि नोटबंदी पर लाए गए अध्यादेश में समय-सीमा बढ़ाकर नागरिकों को नोट जमा कराने का एक और मौका दिए जाने की कोई बाध्यता नहीं है। जैसा कि आप जानते हैं, अध्यादेश के अनुसार चलन से बाहर हुए नोटों को रखना अपराध माना गया है।


कई याचिकाकर्ताओं ने 30 दिसंबर से पहले नोट जमा नहीं करा पाने की विभिन्न कारण गिनाए हैं। उनके वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में शिकायत की कि केंद्र सरकार ने इन मामलों में एक सामान्य सा शपथ पत्र दायर किया है। रोहतगी ने कहा कि सरकार का मानना है कि अब बंद हो चुके नोटों को जमा कराने का कोई दूसरा मौका नहीं दिया जाएगा। केंद्र के शपथ पत्र में एक मामले का जिक्र है जिसमें याचिकाकर्ता ने 66.80 लाख रुपए मूल्य के पुराने नोट जमा कराने की मांग की है और कहा कि वह इसलिए नोट जमा नहीं करा सका क्योंकि उसका बैंक अकाउंट KYC से जुड़ा नहीं था।