निजता के अधिकार पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज

नई दिल्ली (24 अगस्त): सुप्रीम कोर्ट ऐसा फैसला सुनाने वाला है जो देश के हर आम और खास के जीवन पर प्रभाव डालने वाला है। दरअसल, निजता का अधिकार मौलिक अधिकार है या नहीं, इसपर सुप्रीम कोर्ट की पीठ फैसला सुनाने वाली है। सुप्रीम कोर्ट के सूत्रों के मुताबिक इस मामले में पीठ 6 फैसले सुना सकती है। 

राइट टु प्रिवेसी को लेकर कई याचिकाएं दाखिल की गईं हैं। 2012 में आधार कार्ड को लेकर यूपीए की सरकार को कोर्ट में चुनौती दी गई थी। इसके बाद यह मामला 11 अगस्त 2015 को पांच जजों की पीठ को सौंप दिया गया। चीफ जस्टिस खेहर की अध्यक्षता में पांच जजों की पीठ की 18 जुलाई को बैठक हुई। केंद्र सरकार का कहना था कि यह पीठ 1954 में गठित एमपी शर्मा केस की पीठ और 1962 में बनाई गई पीठ के मुकाबले अपर्याप्त है। 1962 में 6 जजों की बेंच ने कहा था कि निजता का अधिकार मौलिक अधिकार नहीं है। इसके बाद मामले को 9 जजों की पीठ को सौंप दिया गया। 19 जुलाई को मामले की सुनवाई शुरू हुई जो कि 2 अगस्त को पूरी कर ली गई।