काटजू की फेसबुक पोस्ट रिव्यू पिटीशन में तब्दील, सुप्रीम कोर्ट ने किया सम्मन

नई दिल्ली (18 नवंबर): सुप्रीम कोर्ट ने इतिहास में पहली बार अपने ही पूर्व जज को समन किया है। संभवत: पहली बार ऐसा हुआ है कि कोर्ट ने किसी पर्सनल पोस्ट को रिव्यू पिटीशन में तब्दील कर दिया है। मामला सुप्रीम कोर्ट से रिटायर्ड हो चुके जस्टिस मार्कंडेय काटजू से जुड़ा है। जस्टिस काटजू ने अपने फेसबुक पोस्ट में केरल के चर्चित सौम्या रेप-मर्डर केस में दोषी की फांसी की सजा रद्द करने के फैसले को जजों की 'बड़ी गलती' बताया था। इस पर बेंच ने कहा है कि वे 11 नवंबर को कोर्ट में पेश होकर डिबेट करें कि हमारे फैसले में कहां बुनियादी चूक हो गई थी।

- जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस यूयू ललित ने नोटिस जारी करते हुए कहा, वे एक सम्मानित शख्स हैं। हम उनसे रिक्वेस्ट करते हैं कि वे अपनी फेसबुक पोस्ट में क्रिटिसाइज किए गए फैसले पर कोर्ट में आकर डिबेट करें।

- हम चाहते हैं कि वे आएं और बताएं कि फैसले में कहां बुनियादी चूक हो गई।

- अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा, मुझे लगता है कि ये पहला मामला है जब सुप्रीम कोर्ट ने किसी मामले में अपने ही पूर्व जज को कोर्ट में पेश होने को कहा है।

- बता दें कि केरल सरकार और सौम्या की मां ने रिव्यू पिटीशन फाइल की है। जस्टिस काटजू को नोटिस जारी होने के बाद अब इस पर 11 नवंबर को सुनवाई होगी।

- सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस काटजू ने 15 सितंबर को लिखे पोस्ट में कहा था, 'ॉसुप्रीम कोर्ट ने गोविन्दाचामी को मर्डर का दोषी करार नहीं देकर बड़ी चूक की है। अफसोस की बात है कि कोर्ट ने धारा 300 को ध्यान से नहीं पढ़ा। इस जजमेंट का ओपन कोर्ट हियरिंग में रिव्यू करने की जरूरत है।