बॉर्यस के लिए खुशखबरी, जेपी को दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया पर रोक


नई दिल्ली (4 सितंबर):
अगर आपको जेपी समूह के जेपी इन्फ्रा में घर बुक कराया है तो यह खबर आपके लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी को दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल के आदेश पर रोक लगाने का आदेश दिया है। इससे नोएडा और ग्रेटर नोएडा के करीब 32,000 फ्लैट खरीददारों को राहत मिली है, जिन्होंने कंपनी की परियोजनाओं में निवेश किया था। ट्राइब्यूनल की इलाहाबाद बेंच की ओर से 10 अगस्त को ही कंपनी को दिवालिया श्रेणी में डालने का आदेश दिया था। इस आदेश के बाद उन ग्राहकों की चिंताएं बढ़ गई थीं, जिन्होंने निर्माणाधीन फ्लैटों में निवेश किया है और अब तक पजेशन का इंतजार कर रहे हैं।

जेपी इन्फ्राटेक का मामला आरबीआई की तरफ से पहचान किए गए 12 मामलों में शामिल है, जिस पर बैंकों को सलाह दी गई है कि वे दिवालिया प्रक्रिया NCLT में शुरू करें। इस सूची में जेपी इन्फ्राटेक के अलावा मोन्नेट इस्पात, ज्योति स्ट्रक्चरर्स, इलेक्ट्रोस्टील स्टील्स, एमटेक ऑटो, एस्सार स्टील, भूषण स्टील, भूषण पावर और स्टील, लैन्को इन्फ्राटेक, एबीजी शिपयार्ड, आलोक इंडस्ट्रीज और ईरा इन्फ्रा ऐंड इंजिनियरिंग शामिल है। कंपनी पर अकेले आईडीबीआई बैंक का ही 4,000 करोड़ रुपये बकाया है।