इस साल तमिलनाडु में नहीं होगा जलीकट्टू, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

नई दिल्‍ली (12 जनवरी): सुप्रीम कोर्ट ने सांड़ को काबू में करने के तमिलनाडु के परंपरागत खेल जलीकट्टू पर रोक लगा दी है। सरकार की इस मामले में अनुमति देने वाली अधिसूचना के खिलाफ दायर याचिका की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इसके बारे में कोई भी फैसला आने तक रोक लगा दी है।

वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने याचिकाओं को सुनवाई के लिए पेश किया, जिसके बाद प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने एक याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति दी थी। इस मामले की सुनवाई पहले आर भानुमती को करनी थी लेकिन उन्‍होंने यह जस्टिस दीपक मिश्रा की अदालत में ट्रांसफर कर दिया।

गौरतलब है कि 2014 में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सांड़ों को काबू करने के इस खेल पर प्रतिबंध लगा दिया था। पशु अधिकार कार्यकर्ता गौरी मौलेखी सहित अन्य याचिकाकर्ताओं ने जलीकट्टू से प्रतिबंध हटाने वाली सरकार की शुक्रवार की अधिसूचना को निरस्त करने की मांग की है।

केंद्र सरकार ने एक अधिसूचना में सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए प्रतिबंधित जानवरों की सूची से सांड़ों को हटा दिया था। केंद्र सरकार ने जलीकट्टू और गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र और पंजाब में बैलगाड़ियों की दौड़ में सांड़ों को शामिल करने की अनुमति दे दी है।