बिहार शेल्टर होम यौन शोषण मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, राज्य सरकार ने मानी गलती


प्रभाकर मिश्रा, न्यूज 24, नई दिल्ली (27 सितंबर): शेल्टर होम मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को जमकर फटकार लगाई है। मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि अगर राज्य सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं कर रही है जो शर्मनाक है। साथ ही कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो वो इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप देगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शेल्टर होम मामले में बिहार सरकार की सरकार की कार्यशैली शर्मनाक है। इसके बाद बिहार सरकार ने अपनी गलती मान ली है। राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सुधार का भरोसा देते हुए कहा है कि हमसे गलती हुई है। आगे से ऐसी गलती नहीं होगी। एक मौका और दिया जाना चाहिए।
कोर्ट की नाराजगी इस बात को लेकर थी  कि कुछ बच्चे इन शेल्टर होम में दुष्कर्म का भी शिकार हुए लेकिन पुलिस ने धारा 377 के तहत मामला दर्ज़ न कर हल्की धाराओं में मामला दर्ज़ किया। बिहार सरकर ने कोर्ट में ग़लती मानी। कोर्ट ने राज्य के चीफ सेक्रेटरी को कल दो बजे होने वाली सुनवाई से पहले  ग़लती सुधारने को कहा। कोर्ट ने कहा कि जिस तरह बिहार पुलिस इस मामले में जांच कर रही है शेल्टर होम्स की सच्चाई कभी भी सामने नहीं आ पाएगी। क्योंकि न तो FIR दर्ज हो रहा है न ही दोषियों की गिरफ्तारी हो रही है।  ऐसे में क्यों न इन मामलों की जांच सीबीआई को सौंप दिया जाय। कोर्ट ने सीबीआई के वकील से कहा कि 'आप इंस्ट्रक्शन लेकर कल तक बताएं कि क्या CBI इन सभी 14 शेल्टरहोमस की जांच करेगी !बिहार सरकार ने अपनी गलती मानते हुए कहा कि 'हमसे गलती हुई है। आगे से ऐसी गलती नहीं होगी। एक मौका और दिया जाना चाहिए।'
सुप्रीम कोर्ट ने ये बातें बिहार में मुजफ्फरपुर शेल्टर होम के अतिरिक्त राज्य के 14 अन्य शेल्टर होम में बच्चियों से यौन शोषण व उत्पीड़न के आरोपों को लेकर दायर एक मामले की सुनवाई करते हुए कही। याचिका में बिहार सरकार पर आरोप लगाया गया है कि टाटा इंस्टीटूट ऑफ सोशल साइंसेज (टीआईएसएस) की रिपोर्ट में 15 शेल्टर होम में बच्चियों से यौन शोषण और शारीरिक-मानसिक उत्पीड़न की बात कही गई है, जबकि कार्रवाई केवल मुजफ्फरपुर शेल्टर होम पर की गई है।


आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद मुजफ्फरपुर के होम शेल्टर में मासूम लड़कियों के साथ हैवानियत के मामले में बिहार की पूर्व समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा के पति चंदेश्चर वर्मा ने 29 अक्टूबर को बेगूसराय के कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। इस मामले की जांच में सीबीआई ने मंजू वर्मा के ससुराल में छापेमारी की थी जहां से उन्हें 50 कारतूस मिले थे। मंजू वर्मा और उनके पति पर इस मामले में केस दर्ज किया गया था। मंजू वर्मा के पति पर शेल्टर होम मामले के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के साथ कथित तौर पर संबंध होने के आरोप हैं।


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