शिक्षामित्र बनने के लिए TET जरूरी- सुप्रीम कोर्ट का फैसला

प्रभाकर मिश्रा, नई दिल्ली(25 जुलाई): सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यूपी में शिक्षामित्रों को सहायक टीचर बनने के लिए टीईटी परीक्षा पास करना होगा। कोर्ट  ने कहा कि वो फिलहाल शिक्षामित्र तो बने रहेंगे, लेकिन सहायक शिक्षक बनने के लिए उन्हें दो मौके और दिए जाएंगे। इस दौरान उन्हें सहायक टीचर बनने के लिए दो साल में टीईटी की परीक्षा पास करनी होगी।

- शिक्षा मित्रों से सहायक टीचर बने इन लोगों की टीईटी पास करने के लिए उम्र सीमा में छूट दी जाएगी।

- उत्तर प्रदेश में शिक्षामित्रों के समायोजन पर सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा कि समायोजित किए गए 1.72 लाख शिक्षामित्र नहीं हटाए जाएंगे। लेकिन उन्हें दो भतिर्यों के अंदर परीक्षा पास करनी होगी, इसमें उन्हें अनुभव का भी वेटेज मिलेगा। इसके साथ ही टीईटी वालों को भी राहत मिली है। उनका अकादमिक रिकॉर्ड देखा जाएगा।

- बता दें कि उत्तर प्रदेश में 1 लाख 72 हज़ार शिक्षामित्रों को सहायक शिक्षक के तौर पर समायोजित करना है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिक्षामित्रों का समायोजन निरस्त कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ शिक्षामित्र सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। 17 मई को सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा मित्रों पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

- शिक्षामित्रों की ओर से पेश वकीलों की दलील थी कि ये शिक्षामित्र वर्षों से काम कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनका भविष्य अधर में है। ऐसे में उन्हें सहायक शिक्षक के तौर पर जारी रखा जाए। साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई कि वह संविधान के अनुच्छेद-142 का इस्तेमाल कर शिक्षामित्रों को राहत प्रदान करें। शिक्षामित्र स्नातक बीटीसी और टीईटी पास हैं। कई ऐसे हैं जो करीब 10 सालों से काम कर रहे हैं।