मोबाइल और बैंक खातों को आधार से जोड़ने पर अंतरिम स्टे से SC का इनकार

नई दिल्ली ( 3 नंवबर ): सुप्रीम कोर्ट ने आधार कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली 4 पिटीशंस पर शुक्रवार को सुनवाई की। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मोबाइल नंबरों और बैंक अकाउंट्स को आधार से लिंक करने पर स्टे के लिए अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया है। शुक्रवार को शीर्ष अदालत ने कहा कि इस मामले पर फैसला संविधान पीठ पर छोड़ा जा रहा है। 

आधार की कानूनी वैधता और इसे बैंक अकाउंट के अलावा मोबाइल नंबर से लिंक कराने के मामले में केंद्र सरकार से जवाब तलब किया। कोर्ट ने यह भी कहा कि बैंक और मोबाइल टेलिफोन कंपनियां ग्राहकों को मेसेज भेजकर लोगों में दहशत न फैलाया जाए। दरअसल, कंपनियों की ओर से ग्राहकों को मेसेज भेजकर आगाह किया जा रहा है कि अगर उन्होंने आधार से लिंक नहीं किया तो उनका अकाउंट डीऐक्टिवेट हो जाएगा। 

हालांकि केन्द्र सरकार ने इस बात से साफ इनकार किया कि ऐसे मेसेज भेजे गए हैं। इस पर जस्टिस ए. के. सीकरी ने कहा, 'मैं कहना नहीं चाहता पर मुझे भी ऐसे मेसेज मिले हैं।' कोर्ट ने इन संस्थानों को इस तरह लोगों को डराने से बचने के लिए कहा है। 

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने याचिका दाखिल कर आधार को बैंक अकाउंट्स और मोबाइल नंबर्स से लिंक करने से रोकने के लिए केन्द्र को निर्देश देने की मांग की थी, जब तक कि संविधान पीठ इसकी वैधता पर निर्णय नहीं दे देती। यह बेंच जल्द ही उन याचिकाओं पर सुनवाई करने वाली है, जिसमें निजता के अधिकार के उल्लंघन का हवाला देते हुए आधार की वैधता को ही चुनौती दी गई है। 

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केन्द्र से यह भी कहा कि वह कंपनियों से मोबाइल नंबर्स और बैंक अकाउंट्स को आधार से लिंक करने की आखिरी तारीख भी मेसेज में देने का निर्देश दे।