राफेल सौदे की जांच होगी या नहीं, सुप्रीम कोर्ट आज सुनाएगा फैसला

प्रभाकर मिश्रा. न्यूज 24, नई दिल्ली (14 दिसंबर): राफेल डील मामले में जांच होगी या नहीं। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट आज अपना फैसला सुना सकता। भारतीय वायु सेना के लिए फ्रांस से अरबों रुपये के राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के समझौते की कोर्ट की निगरानी में जांच के लिए दायर याचिकाओं पर ये फैसला सुनाया जाना है।  चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई वाली तीन जजों की बेंच ने इस मामले में दायर याचिकाओं पर 14 नवंबर को सुनवाई पूरी की थी और फैसला सुरक्षित रख लिया था।राफेल सौदे की जांच के मामले में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस केएम जोसेफ की पीठ फैसला सुनाएगी। इस मामले में मनोहर लाल शर्मा, विनीत ढांडा, आम आदमी पार्टी के सासंद संजय सिंह, प्रशांत भूषण, अरुण शौरी और यशवंत सिन्हा की याचिकाओं पर फैसला सुनाया जाएगा। इन याचिकाओं में राफेल सौदे की कीमत और उसके फायदों की जांच कराने की मांग की गई है और कहा गया है कि ज्यादा कीमतों पर डील हुई और गलत तरीके से ऑफसेट पार्टनर चुना गया। इसलिए डील को रद्द किया जाए।केंद्र ने सुनवाई में 36 राफेल लड़ाकू विमानों की कीमत और उसके फायदे के बारे में कोर्ट को सीलबंद दो लिफाफों में रिपोर्ट सौंपी थी। अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि हमने राफेल की कीमत की जानकारी साझा कर दी है, लेकिन इसको रिव्यू करना एक्सपर्ट का काम है। इसको न्यायपालिका रिव्यू नहीं कर सकती है। आपको बात दें कि केन्द्र सरकार ने फ्रांस से 36 लड़ाकू विमान खरीदने के सौदे का पुरजोर बचाव किया और इनकी कीमत से संबंधित विवरण सार्वजनिक करने की मांग का विरोध किया।गौरतलब है कि भारत ने करीब 58,000 करोड़ रुपये की कीमत से 36 राफेल विमान खरीदने के लिए फ्रांस के साथ समझौता किया है ताकि भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता में सुधार किया जा सके। शीर्ष अदालत ने इन याचिकाओं पर सुनवाई पूरी करते हुए कहा था कि राफेल विमान की कीमतों के बारे में तभी चर्चा हो सकेगी जब वह फैसला कर लेगा कि क्या इन्हें सार्वजनिक किया जाना चाहिए। न्यायालय ने यह टिप्पणी उस वक्त की थी जब सरकार ने विमान सौदे की कीमतों के विवरण का सार्वजनिक रूप से खुलासा करने से इनकार करते हुए कहा था कि इससे देश के दुश्मनों को लाभ मिल सकता है।