देश का नाम 'इंडिया' या 'भारत' जो पसंद करते हैं वो पुकारें: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली (11 मार्च): सुप्रीम कोर्ट ने देश को 'इंडिया' की जगह 'भारत' कहे जाने की मांग पर अपनी टिप्पणी की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यह एक 'भावनात्मक मामला' है। जनहित के नाम पर ऐसी याचिकाएं कोर्ट में नहीं आनी चाहिए। 

मीडिया में आई रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी। जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस तरह के भावनात्मक मामलों को जनहित याचिका का नाम लेकर लोगों को कोर्ट में नहीं आना चाहिए। यह लोगों की भावनाओं पर निर्भर करता है कि वह अपने देश को किस नाम से पुकारना चाहते हैं, जो लोग 'इंडिया' नाम पसंद करते हैं वह देश को 'इंडिया' नाम से पुकारें। इसके अलावा जो लोग 'भारत' नाम पसंद करते हैं, वह देश को 'भारत' नाम से पुकारें।

इसके लिए अदालत और कानून किसी को निर्देशित और बाध्य नहीं कर सकती। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह मामला जनहित का नहीं बल्कि भावनात्मक है। इसलिए अदालत इस याचिका को नहीं सुन सकता, इसे खारिज किया जाता है। बता दें, याचिकाकर्ता का कहना था कि देश को इंडिया नाम ब्रिटिश सरकार ने दिया था। ब्रिटिश भाषा में इंडिया का अर्थ बेहद अपमानजनक है। हमारे देश का असली नाम राजा भरत के नाम पर भारत रखा गया था।