पूर्व जस्टिस काटजू को 'सुप्रीम' झटका, नहीं निरस्त होगा संसद से जारी निंदा प्रस्ताव

नई दिल्ली (15 दिसंबर): सुप्रीम कोर्ट से पूर्व जज मार्कंडेय काटजू को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने के उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ संसद के दोनों सदनों में पारित निंदा प्रस्ताव को निरस्त करवाने के लिए देश की सबसे बड़ी अदालत का दरवाजा खटखटाया था।

काटजू ने एक ब्लॉग में महात्मा गांधी को अंग्रेजों का और नेताजी सुभाष चंद्र बोस को जापान का एजेंट बताया था। इसी वजह से संसद ने सभी सदस्यों की सहमति से उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया था। काटजू ने इसे अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन बताया था।

सरकार की दलील थी कि संसद की तरफ से निंदा करना किसी के मौलिक अधिकार का हनन नहीं है। कोर्ट को संसद की कार्रवाई में इस तरह का दखल नहीं देना चाहिए।