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कर्नाटक: सुप्रीम कोर्ट में येदियुरप्पा की किस्मत का फैसला आज

गुरुवार को भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा ने तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। उन्होंने जल्द बहुमत साबित करने का दावा किया है। हालांकि बहुमत का आंकड़ा जुटाना उनके लिए बड़ी चुनौती होगी।

नई दिल्ली (18 मई): गुरुवार को भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा ने तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। उन्होंने जल्द बहुमत साबित करने का दावा किया है। हालांकि बहुमत का आंकड़ा जुटाना उनके लिए बड़ी चुनौती होगी। उधर, शपथग्रहण से नाराज कांग्रेस और जेडीएस के विधायकों ने राजभवन के सामने धरना दिया। अब सबकी नजर आज सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिकी है।

दरअसल भाजपा को सरकार बनाने का न्योता मिलने के बाद कांग्रेस ने बुधवार आधी रात को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। देर रात 2:11 बजे से सुबह 5:58 बजे तक सुनवाई के बाद अदालत ने शपथग्रहण पर रोक लगाने की कांग्रेस की मांग खारिज कर दी थी। शीर्ष अदालत आज सुबह इसी मामले पर अगली सुनवाई करेगी। लिंगायत समुदाय में खासा प्रभाव रखने वाले येदियुरप्पा ने फिलहाल अकेले ही शपथ ली है। येदियुरप्पा के पास बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का समय है। सदन में भाजपा के पास 104 विधायक हैं जो बहुमत के 112 के आंकड़े से आठ कम है। 

बता दें कि कर्नाटक में सरकार गठन पर सुप्रीम कोर्ट में आधी रात से गुरुवार सुबह तक चली ऐतिहासिक सुनवाई के बाद शीर्ष कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि राज्य में शपथ ग्रहण और सरकार के गठन की प्रक्रिया न्यायालय के समक्ष इस मामले के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा। तीन घंटे से भी ज्यादा तक चली सुनवाई के बाद भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा के कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। 

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एके सीकरी, एसए बोब्डे और जस्टिस अशोक भूषण की एक मध्यरात्रि पीठ ने केंद्र को भाजपा की ओर से प्रदेश के राज्यपाल वजुभाई वाला के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए भेजे गए 15 और 16 मई के दो पत्र कोर्ट में पेश करने के लिए कहा है।  पीठ ने कांग्रेस और जेडीएस की याचिका पर कर्नाटक सरकार और येदियुरप्पा को नोटिस जारी करते हुए इस पर जवाब मांगा है।

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