NRI को वोटिंग का अधिकार देने के लिए कानून में बदलाव को तैयार केंद्र

नई दिल्ली (21 जुलाई): केंद्र सरकार अप्रवासी भारतीयों यानी NRI को वोटिंग का अधिकार देने के लिए कानून में बदलाव करने के लिए तैयार है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वह NRI को भी वोटिंग का अधिकार देने के लिए जनप्रतिनिधि अधिनियम 1951 में संशोधन करने को तैयार है।

केंद्र का कहना है कि तकरीबन 10 लाख NRI में से महज 10 हजार लोग ही देश में आकर वोट डालते हैं। इससे पहले  सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को आखिरी मौका दिया था और कहा था कि  केंद्र 21 जुलाई को बताए कि वह NRI को मतदान का अधिकार देने के लिए सिर्फ नियमों में बदलाव करेगा या फिर एक्ट में बदलाव करना होगा।

गौरतलब है कि 2014 में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि उसे चुनाव आयोग की वह सिफारिश मंजूर है जिसमें NRI को वोट का अधिकार देने की बात कही गई है। अब आने वाले कुछ दिनों में एक करोड़ से ज्यादा एनआरआई देश में चुनाव के दौरान वोट कर सकेंगे।

एक आंकड़ों के मुताबिक कुल 1 करोड़ 37 हजार NRI हैं। जिनमें UAE में  17 लाख 50 हजार, इग्लैंड में 15 लाख, अमेरिका में 9 लाख 27 हजार, सऊदी अरब में 17 लाख 89 हजार, ऑस्ट्रेलिया में 2 लाख 13 हजार और कनाडा में 2 लाख NRI हैं।