सूखे को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को दिए यह निर्देश

नई दिल्ली (11 मई): सुप्रीम कोर्ट ने सूखे पर अपना पहला फैसला सुनाते हुए कहा है कि इससे निपटने के लिए केंद्र सरकार को स्पेशल टास्क फोर्स का गठन करना चाहिए। कोर्ट ने सूखा राहत आपदा फंड बनाने के भी निर्देश दिए।

जस्टिस एमबी लोकुर की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान में एक विशेष टीम का गठन सूखे से निपटने के लिए किया जाना चाहिए। केंद्र इसके लिए अलग से फंड का निर्माण करे। किसी भी राज्य को सूखा घोषित करते वक्त किसानों की आत्महत्या, पलायन, तनाव जैसे मुद्दों का भी ध्यान रखने की हिदायत दी। साथ ही केंद्रीय कृषि मंत्रालय को आदेश दिया कि वह बिहार, हरियाणा, गुजरात के मुख्य सचिव के साथ एक हफ्ते के भीतर बैठक कर तय करें कि वहां सूखे के हालात हैं या नहीं। कोर्ट ने बिहार, गुजरात और हरियाणा सरकार को सूखा घोषित नहीं करने पर फटकार भी लगाई।

कोर्ट ने केंद्र को आपदा प्रबंधन कानून को लागू करने को कहा। स्वराज आंदोलन की याचिका पर सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया कि केंद्र सरकार राज्यों को सूखाग्रस्त घोषित करने के लिए कोई वैज्ञानिक तरीका अपनाए। इसे राजनीतिक मुद्दा न बनाए। आदेश के मुताबिक, सूखा प्रबंधन मैन्युअल भी संशोधन किया जाएगा। इसमें यह समय सीमा दी जाएगी कि राज्य कब सूखा घोषित करें। सर्वोच्च अदालत ने यह भी आदेश दिया है कि सरकार सूखे से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करे।