Whatsapp पर भेजी PIL पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'ऐसे नहीं होगी सुनवाई'

नई दिल्ली (5 मई): सुप्रीम कोर्ट ने वाट्सऐप के मैसेज के जरिए भेजी गई एक जनहित याचिका का संज्ञान लेने से मना कर दिया है। गौरतलब है, कोर्ट इससे पहले चिट्ठियों पर स्वत: संज्ञान लेकर जनहित याचिका मानकर सुनवाई करता रहा है। लेकिन वॉट्सएप के जरिए भेजी याचिका को स्वीकार नहीं किया है। 

मीडिया में आई रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में रह रहे वकील अशोक अरोड़ा ने चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर को एक वाट्सअप मैसेज किया। जिसमें उन्होंने मांग की कि देश में मौलिक कर्तव्यों को लेकर भी दिशा-निर्देश तय किए जाएं। उन्होंने कहा कि इसके लिए कोर्ट कोई आदेश जारी करे और वकील, जज व राजनेता आदि अपनी ड्यूटी को भी सही से निभाएं।

वकील ने इसी वॉट्सएप मैसेज को जनहित याचिका मानने की अपील की थी। लेकिन चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने इससे इनकार कर दिया। इस पर अरोड़ा ने बताया कि इस बारे में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी है। इस पर जल्द सुनवाई होनी चाहिए। चीफ जस्टिस की बेंच ने कहा कि वो इस मामले की सुनवाई सोमवार 9 मई को करेंगे।