SC का बड़ा फैसला, ITR फाइल करने वालों के लिए अनिवार्य नहीं आधार

नई दिल्ली (9 जून): सुप्रीम कोर्ट ने इनकम टैक्स भरने वाले लोगों को एक बड़ी राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के उस फैसले पर फिलहाल रोक लगा दी है, जिसमें कहा गया था कि इनकम टैक्स रिर्टन भरने वाले लोगों के लिए पैन कॉर्ड से आधार को जोड़ना जरूरी होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिनके पास आधार नहीं, उनका ITR मना नहीं किया जा सकता। लेकिन जिनके पास आधार है उनको आधार लिंक करना जरूरी होगा।

सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पैन कार्ड के लिए आधार को अनिवार्य बनाया गया ताकि फर्जी पैन कार्ड पर अंकुश लग सके, क्योंकि इसका इस्तेमाल आतंकवाद के लिए वित्तपोषण और कालाधन में हो रहा था। इसके साथ ही सरकार ने निजता पर जताई गई चिंताओं को भी फर्जी बताया।

इससे पहले पिछली सुनवाई में केंद्र सरकार ने आधार कार्ड के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट से कहा कि भारत के नागरिक आधार कार्ड हेतु लिए जाने वाले शारीरिक सैंपल के लिए मना नहीं कर सकते हैं। नागरिक अपने शरीर पर इस मुद्दे पर कोई अधिकार नहीं जता सकते हैं। मुकुल रोहतगी ने कोर्ट को बताया कि अपने शरीर पर पूर्ण अधिकार होना एक भ्रम है, ऐसे कई नियम हैं जो इस पर पाबंदी लगाते हैं।

पूरी तरह से सुरक्षित है आधार

वहीं केंद्र सरकार ने पैन कार्ड के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य बनाने के फैसले का बचाव करते हुए सुप्रीम कोर्ट में कहा कि ऐसा देश में फर्जी पैन कार्ड के इस्तेमाल पर अंकुश लगाने के लिए किया गया है। अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने न्यायमूर्ति एके सिकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ से कहा कि पैन का कार्यक्रम संदिग्ध होने लगा था, क्योंकि यह फर्जी भी हो सकता था जबकि आधार पूरी तरह सुरक्षित और मजबूत व्यवस्था है जिसके द्वारा एक व्यक्ति की पहचान को फर्जी नहीं बनाया जा सकता था।

10 लाख पैन कार्ड रद्द

रोहतगी ने कहा कि आधार की वजह से सरकार ने गरीबों के लाभ की योजनाओं और पेंशन योजनाओं के लिए 50 हजार करोड़ रूपए से अधिक की बचत की है। उन्होंने कहा कि करीब दस लाख पैन कार्ड रद्द किए जा चुके हैं जबकि 113.7 करोड आधार कार्ड जारी किए गये हैं परंतु सरकार को अभी तक इसके डुप्लीकेट का कोई मामला पता नहीं चला है।