गोरक्षा के नाम पर हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- नियुक्त हो नोडल ऑफिसर

प्रभाकर मिश्रा, नई दिल्ली (6 सितंबर): गौरक्षा के नाम पर हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त नजर आ रहा है। सुप्रीम कोर्ट केंद्र और राज्य सरकार को निर्देश देते हुए कहा कि इस तरीके की गुंडागर्दी कतई बर्दाश्त नहीं की जा सकती। साथ ही कोर्ट ने कहा है कि कुछ लोगों को ऐसी इजाजत नहीं दी जा सकती कि वह गोरक्षा के नाम पर लोगों के साथ मारपीट और गुंडागर्दी करें। साथ कोर्ट ने राज्य सरकारों को अपने यहां एक नोडल ऑफिसर को नियुक्त करने के लिए कहा है जिसकी जिम्मेदारी गौरक्षा के नाम पर चल रहे संगठनों पर निगरानी करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की होगी।

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों में हर जिले में ऐसे एक पुलिस अधिकारी को नियुक्त करने का भी आदेश दिया है, जिसकी जिम्मेदारी होगी कि वह गौ रक्षा के नाम पर चल रहे संगठनों और उनकी गुंडागर्दी पर लगाम लगाएं और निगरानी रखें। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अलग-अलग राज्यों के मुख्य सचिवों से भी कहा है कि वह यह देखें कि क्या हाइवे पर पेट्रोलिंग की व्यवस्था भी की जा सकती है, जिससे हाईवे पर होने वाली गोरक्षकों की गुंडागर्दी को रोका जा सके।

सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार की तरफ से वकील ने कहा कि यह मामला केंद्र से नहीं बल्कि राज्यों से जुड़ा हुआ है और ऐसे में इसमें जो भी कार्रवाई करनी होगी वह राज्य सरकार ही करेगी। इस मामले पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी।