ममता बनर्जी की मीम पोस्ट करने वाली प्रियंका शर्मा को मिली जमानत, जानिए क्या है केस का कानूनी पहलू ?

प्रभाकर मिश्रा, न्यूज 24, नई दिल्ली (14 मई): पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मीम ( वही वाली जिसमें ममता दीदी का चेहरा प्रियंका चोपड़ा के मेट गाला इवेंट वाली बहुचर्चित फोटो पर इम्पोज किया गया था) फेसबुक पर पोस्ट करने वाले मामले में बीजेपी की कार्यकर्ता प्रियंका शर्मा को सुप्रीम कोर्ट ने सशर्त जमानत दे दी है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि प्रियंका शर्मा को जमानत मिलने के तत्काल बाद माफी मांगनी होगी। FIR के कानूनी पहलू पर जुलाई में होगी सुनवाई। प्रियंका शर्मा 10 मई से जेल में हैं।

इस केस के कानूनी तथ्यों को इस प्रकार समझा जा सकता है कि प्रियंका शर्मा के खिलाफ तीन सेक्शन के तहत FIR दर्ज हुई है -आईपीसी की धारा 500 (अवमानना), आईटी एक्ट की धारा 66A और धारा 67A. कानूनी प्रावधान यह है कि मानहानि वाली धारा 500 के लिए जिस व्यक्ति की मानहानि हुई है उस व्यक्ति को शिकायत करनी होती है। इस मामले में शिकायतकर्ता टीएमसी का कार्यकर्ता है। प्रियंका शर्मा के वकील इस तर्क के आधार पर FIR को रद्द करने की दलील दे सकते हैं। लेकिन यह दलील नहीं टिकेगी क्योंकि शिकायत दर्ज होने पर निर्भर करता है कि जिसकी मानहानि हुई है उससे और शिकायत दर्ज कराने वाले का सम्बंध क्या है? अगर उसकी मानहानि होने से आपके 'मान - सम्मान' पर असर पड़ता है तो शिकायत आप भी दर्ज करा सकते हैं।अब बात, आईटी एक्ट की धारा 66A. इसके तहत किसी भी व्यक्ति को वेबसाइट पर कथित तौर पर ‘अपमानजनक’ सामग्री साझा करने पर गिरफ्तार किया जा सकता था। लेकिन इस प्रावधान को सुप्रीम कोर्ट ने चार साल पहले ही 24 मार्च 2015 को रद्द कर दिया था। यानि जिस सेक्शन को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है ममता बनर्जी की पुलिस ने प्रियंका शर्मा को उस सेक्शन के तहत FIR दर्ज किया है। अब बात आईटी एक्ट की धारा 67A की। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति किसी की आपत्तिजनक, अश्लील तस्वीर पोस्ट करता है 5 साल तक की सजा प्रावधान है। ममता बनर्जी की यह तस्वीर अश्लीलता की श्रेणी में रखा जा सकता है।