अयोध्या विवाद: मध्यस्थता नहीं हुई तो 25 जुलाई से करेंगे सुनवाई- सुप्रीम कोर्ट

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प्रभाकर मिश्रा, न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (11 जुलाई): सुप्रीम कोर्ट में  अयोध्या राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता पैनल से रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने मध्यस्थता पैनल से 18 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट सौपने के लिया कहा है। मामले पर अगली सुनवाई 25 जुलाई को होगी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ किया कि मध्यस्थ पैनल की रिपोर्ट आने के बाद फिर इस बात पर फैसला होगा कि इस मामले में रोजाना सुनवाई होगी या नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर पैनल कहता है कि मध्यस्थता कारगर नहीं साबित होती है, तो 25 जुलाई के बाद ओपन कोर्ट में रोजाना इसकी सुनवाई होगी। यानी इस मामले में मध्यस्थता जारी रहेगी या नहीं, इसका फैसला 18 जुलाई को ही हो जाएगा।

वहीं सुनवाई के दौरान हिंदू पक्ष की तरफ से पेश वकील रंजीत कुमार ने कहा है कि 1950 से ये मामला चल रहा है लेकिन अभी तक सुलझ नहीं पाया है। मध्यस्थता कारगर नहीं रही है इसलिए अदालत को तुरंत फैसला सुना देना चाहिए। पक्षकार ने कहा कि जब ये मामला शुरू हुआ था तब वह जवान थे, लेकिन अब उम्र 80 के पार हो गई है। लेकिन मामले का हल नहीं निकल रहा है।

उधर मुस्लिम पक्षकार की तरफ से अदालत में पेश हुए वकील डॉ. राजीव धवन ने कहा, 'यह समय मध्यस्थता पैनल की आलोचना करने का नहीं है।' अदालत ने कहा, 'हमने मध्यस्थता पैनल का गठन किया है। हमें उसकी रिपोर्ट का इंतजार करना होगा।पैनक को इस विषय पर अपनी रिपोर्ट जमा करने दीजिए।' सुनवाई करते हुए न्यायालय ने मध्यस्थता पैनल से 25 जुलाई तक मामले की विस्तृत रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा है। यदि मध्यस्थता नहीं होती है तो अदालत 25 जुलाई से मामले पर सुनवाई करेगा।

गौरतलब है कि हिंदू पक्षकार गोपाल सिंह विशारद ने अर्जी दाखिल कर कहा है कि इस मामले में मध्यस्थता को लेकर किए गए प्रयास में कोई खास प्रगति नहीं हुई, ऐसे में सुप्रीम कोर्ट मुख्य मामले की जल्द सुनवाई करे।  सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सुनवाई के लिए आज की तारीख तय की है। इससे पहले शीर्ष अदालत ने 8 मार्च को पूर्व न्यायाधीश एफएम कलीफुल्ला की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की थी, जिसे मामले का सर्वमान्य समाधान निकालना था। अब समिति को 15 अगस्त तक का समय दिया गया है। इस बीच, कोर्ट से कहा गया है कि तीन सदस्यीय समिति को न्यायालय द्वारा सौंपे गए भूमि विवाद मामले में ज्यादा कुछ नहीं हो रहा है। ऐसे में इस पर शीघ्र सुनवाई की आवश्यकता है।

आपको बता दें कि अदालत ने इस मामले का आपसी बातचीत से हल निकालने के लिए पूर्व जज एफएमआई कलीफुल्ला की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय मध्यस्थता पैनल का गठन किया था। इस पैनल में आध्यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकर और मद्रास उच्च न्यायलय के वकील श्रीराम पंचू शामिल हैं। अदालत ने इसी साल 10 मई को मध्यस्थता पैनल को मामले सुलझाने के लिए 15 अगस्त तक का वक्त दिया था।