मुलायम के लिए नई मुसीबत? कॉलेज को 100 करोड़ के मामले में कोर्ट सख्त...

नई दिल्ली (2 मार्च): इटावा में चौधरी चरण सिंह ड्रिग्री कॉलेज को 100 करोड़ का फ़ंड जारी करने के मामले में दायर याचिका की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और पीडब्लूडी मंत्री शिवपाल सिंह यादव को हलफ़नामा दायर करने को कहा है।

कोर्ट ने याचिका पर 8 साल से कोई जवाब न दाख़िल करने को लेकर दोनों नेताओं को फटकार भी लगाई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाने का भी आदेश दिया, लेकिन वकीलों के आग्रह पर वापस ले लिया।

कोर्ट ने कॉलेज की प्रबंध समिति और पीडब्ल्यूडी को नोटिस भी जारी कर दिया है। इतना ही नहीं, 10 साल के ऑडिट का पूरा रिकॉर्ड और उस पर आपत्तियां दायर करने को भी कहा है।

कोर्ट में पीडब्ल्यूडी को यह भी बताना है कि पैसा किस किस मद में ख़र्च किया है। चौधरी चरण सिंह जन्मशती समारोह में ख़र्चों का ब्यौरा भी मांग गया है। बता दें कि यूपी सरकार का कहना था आकस्मिक निधि से यह फ़ंड निकाला गया था, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाते हुए कहा कि 'आकस्मिकता' की जरुरत क्या थी?

यूपी सरकार का दावा था कि यह फ़ंड यूपी एप्रोपिएयशन एक्ट 2004 के तहत निकाला गया था। यह याचिकाकर्ता मनेन्द्र नाथ रॉय ने सुप्रीम कोर्ट में दाख़िल की है याचिका। अब इस मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल को होगी।