जजों के अप्वॉइंटमेंट पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- खारिज किए 43 नामों पर फिर विचार करे केंद्र

नई दिल्ली(18 नवंबर): सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार को जजों की भर्ती के लिए कॉलेजियम के सुझाए 43 नामों पर फिर से विचार करने को कहा है। कॉलेजियम ने हाईकोर्ट में जजों की भर्ती के लिए 77 नामों की लिस्ट केंद्र के पास भेजी थी। इनमें से 43 नाम केंद्र सरकार ने लौटा दिए थे। 

- शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने सरकार का यह रिजेक्शन खारिज कर दिया है। कोर्ट रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल अनिल कबोतरा की PIL पर सुनवाई कर रही थी। 

- इससे पहले इस मामले में 11 नवंबर को चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर, जस्टिस शिवाकीर्ति सिंह और जस्टिस एल. नागेश्वर राव की बेंच में सुनवाई हुई थी। तब सुप्रीम कोर्ट में सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी पेश हुए थे। 

- रोहतगी ने कोर्ट से कहा था कि कॉलेजियम के भेजे हुए 77 में 34 नामों के अप्वाइंटमेंट पर सरकार ने मुहर लगा दी है। बाकी बचे 43 नामों पर दोबारा विचार के लिए कॉलेजियम के पास भेज दिया गया है।"

- रोहतगी ने बताया, "केंद्र ने मेमोरेंडम ऑफ प्रोसिजर (MoP) का नया ड्राफ्ट दोबारा विचार के लिए 3 अगस्त को भेज दिया था, लेकिन इस पर जवाब नहीं मिला।"

- चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने कहा कि केंद्र इसे ईगो ना बनाए। ऐसी कंडीशन नहीं आनी चाहिए कि एक इंस्टीट्यूशन दूसरे के सामने खड़ा हो जाए।

- उन्होंने कहा, "ज्यूडीशियरी को बचाना होगा। केंद्र जवाब दे कि इलाहाबाद HC के जजों की लिस्ट का क्या हुआ। अगर कोई दिक्कत है तो लिस्ट हमें भेजे, हम फिर से विचार करेंगे।"

- अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा था कि जो नाम भेजे गए थे, उनमें से कई नाम सही नहीं थे।