निजता के अधिकार पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का आधार कार्ड पर असर नहीं

नई दिल्ली(26 अगस्त): निजता के अधिकार पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले से आधार को पैन नंबर से लिंक करने को लेकर जो आशंका पैदा हुई थी उसे UIDAI के CEO अजय भूषण पांडे ने दूर कर दिया है।

-  अजय भूषण ने कहा है कि आधार नंबर से पैन नंबर को लिंक करने का कार्यक्रम वैसे ही चलता रहेगा जैसा पहले से चल रहा है। 

- अजय ने कहा कि निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार बनाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने आयकर रिटर्न और दूसरी योजनों में आधार के इस्तेमाल पर रोक नहीं लगाई है।

- उन्होंने कहा कि आधार एक्ट को मौलिक अधिकारों का ध्यान रखते हुए ही बनाया गया है, एक्ट में बैंक खाता खोलने से लेकर गैस कनेक्शन लेने जैसी सेवाओं के लिए आधार नंबर की जानकारी दिए जाने का उल्लेख है।

-  उन्होंने कहा कि हमें पूरा भरोसा है कि आधार एक्ट निजता के मौलिक अधिकार के टेस्ट को भी पास कर लेगा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले में कहीं भी आधार एक्ट का उल्लेख नहीं है और यह एक्ट एक कानूनी एक्ट है क्योंकि खुद संसद ने इसे पास किया है। उन्होंने कहा कि एक्ट के सेक्शन 7 में कहा गया है कि सरकारी लाभ या सब्सिडी देने के लिए सरकार आधार नंबर की मांग कर सकती है।


- जब उनसे पूछा गया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अगर कोई आधार नंबर की जानकारी देने से इंकार कर दे तो क्या होगा? इसके जबाव में अजय भूषण पांडे ने कहा कि अभी तक के संदर्भ में कहा जाए इंकार नहीं किया जा सकता क्योंकि आधार एक्ट एक कानूनी एक्ट है और सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में इस एक्ट का जिक्र नहीं किया है।

- UIDAI के CEO ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आधार के एनरोलमेंट की प्रक्रिया बिना रुकावट चलती रहेगी। आधार को पैन नंबर से जोड़ने पर उन्होंने कहा कि आयकर एक्ट के तहत ऐसा करना जरूरी है और आधार को पैन से जोड़ने का काम चलता रहेगा, इस काम में किसी तरह का बदलाव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि आधार एक्ट पूरी तरह से निजता की रक्षा करता है, किसी व्यक्ति का आधार का डाटा बिना उसकी सहमति से साझा नहीं किया जा सकता।