शिवपाल के घर पर जुटे समर्थक, की जमकर नारेबाजी

नई दिल्ली (16 सितंबर): यूपी में सीएम अखिलेश और उनके चाचा शिवपाल यादव के बीच की बढ़ी तनातनी के बाद अब शिवपाल यादव के घर के बाहर सुबह से ही सैकड़ो समर्थक जुटना शुरू हो गए हैं। वो लगातार नारेबाजी कर रहे हैं।

इससे पहले कल देर रात शिवपाल सिंह यादव ने मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा भेज दिया। इसके साथ ही उन्होंने एसपी के प्रदेश अध्यक्ष सहित पार्टी के सभी पद छोड़ दिए हैं।  इस ऐलान के बाद उनके कई समर्थक सड़कों पर उतर आए। इनमें कुछ विधायक भी शामिल थे।     

जब शिवपाल ने मुलायम सिंह यादव के रोकने के बावजूद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को मंत्री पद से अपना इस्तीफा भेज दिया। इसके साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष का पद भी छोड़ दिया। 

नाराज शिवपाल ने आज अपना बंगला भी खाली करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही उनके बेटे आदित्य यादव ने कॉपरेटिव फेडरेशन के चेयरमैन पद और पत्नी सरला ने इटावा जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन का पद छोड़ दिया है। लेकिन सीएम अखिलेश ने चाचा शिवपाल के इस्तीफे को नामंजूर कर दिया है। बावजूद शिवपाल ने इस्तीफे को वापस लेने का इशारा नहीं दिया है। अब उनका अगला कदम क्या होगा। इस पर सस्पेंस बना हुआ है। 

रात साढ़े बारह बजे वे अपने लखनऊ के आवास से बाहर आए और नारेबाजी कर रहे समर्थकों से कहा कि अभी वापस जाओ, सुबह बात करेंगे। लखनऊ का 5 कालिदास मार्ग सीएम अखिलेश यादव का आधिकारिक आवास हैं। तो इससे महज 100 मीटर की दूरी पर 7 कालिदास मार्ग के बंगले में शिवपाल रहते हैं और इन दोनों बंगले से महज एक किलोमीटर दूर 5 विक्रमादित्य मार्ग मुलायम सिंह यादव का आवास है।  लेकिन परिवार में पड़ी फूट से ये छोटी सी दूरी बड़े फासले में बदल गई है। 

शिवपाल के घर के बाहर उनके समर्थक आधी रात तक चाचा तुम संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ हैं के नारे लगाते रहे। इशारों में अखिलेश को कोसते रहे। मुलायम से हालात संभालने की गुहार लगाते रहे। घंटों हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। 

दरअसल मुलायम ने शिवपाल सिंह यादव को इस बात के लिए रजामंद कर लिया था कि वे मंत्री बने रहेंगे। इस्तीफा नहीं देंगे। कहा गया कि शिवपाल इसके लिए मान भी गए हैं। डैमेज कंट्रोल के लिए खुद मुलायम सिंह यादव दिल्ली से लखनऊ पहुंच गए। परिवार के भीतर दिन भर अंदरखाने बातचीत का दौर चलता रहा। बावजूद इसके रात होते-होते बात बिगड़ गई। 

खुद शिवपाल यादव भी कल शाम सवा 7 बजे अखिलेश यादव से मिलने 5 कालिदास मार्ग पहुंचे थे। दोनों की मुलाकात करीब आधे घंटे तक चली, लेकिन बात नहीं बनी। और फिर वही हुआ, जो मुलायम सिंह यादव नहीं चाहते थे। आखिरकार शिवपाल ने मंत्री पद से इस्तीफा देकर धमाका कर दिया। 

ये धमाका ऐसे ही नहीं हुआ। दरअसल मुलायम को भरोसा था कि वे अखिलेश को मना लेंगे, लेकिन सूत्रों की मानें तो शिवपाल से अहम मंत्रालय छीनने के मुद्दे पर अखिलेश टस से मस नहीं हुए। PWD सहित अहम मंत्रालय उन्हें वापस करने को सीएम राजी नहीं हुए। संगठन की जिम्मेदारी से खुद को दूर कर चाचा के हाथ में पूरी कमान सौंपने का फैसले पर भी अखिलेश सहमत नहीं थे। 

सूत्र ये भी बता रहे हैं कि आखिर में मुलायम ने शिवपाल से दो टूक कह दिया कि अखिलेश अपनी बात पर अड़ा है, अब आप नरम पड़ जाओ। लेकिन शिवपाल को ये मंजूर नहीं हुआ। हालांकि अखिलेश ने शिवपाल का मंत्री पद से इस्तीफा नामंजूर कर सुलह का रास्ता बंद नहीं किया है। लेकिन इशारा साफ है कि अगर समझौते की सूरत भी आई तो शर्तें उनकी होंगी।