चीन को इस मामले में पछाड़ अव्वल बनेगा भारत!

नई दिल्ली(18 सितंबर): भारत आने वाले कुछ दशक में आर्थिक सुपरपावर बन सकता है। भारत अपनी तेजी से बढ़ती युवा आबादी के बल पर विकास की दौड़ में चीन को पछाड़कर अगले पांच दशक तक अव्वल स्थान पर काबिज रह सकता है।

- डेलॉएट इंडिया के ताजा सर्वेक्षण के अनुसार, भारत आने वाले कुछ दशक में आर्थिक सुपरपावर बन सकता है। 

- हालांकि, इसके लिए इन युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण और शिक्षा देना आवश्यक है। 

- भारत की युवा आबादी जितनी तेजी से बढ़ रही है, उतनी ही तेजी से चीन और जापान की आबादी बूढ़ी हो रही है। वर्ष 2027 तक एशिया में 65 साल और इससे अधिक उम्र के लोगों की आबादी मौजूदा 36.50 करोड़ से बढ़कर 50 करोड़ से अधिक हो जाएगी। यह संख्या 2030 तक बुजुर्गों की कुल वैश्विक आबादी की 60 फीसदी होगी। इसके ठीक विपरीत भारत में इस दौरान उसकी युवा आबादी विकास की नई इबारत लिखेगी।

- अगले 20 साल में भारत की कार्यबल क्षमता 88.5 करोड़ से बढ़कर 1.08 अरब हो जाएगी और इसके बाद अगले पांच दशक तक यही सिलसिला कायम रहेगा। आने वाले कुछ दशक में एशियाई कार्यबल क्षमता में अधिकतर योगदान भारत का होगा लेकिन विकास की दौड़ में अव्वल आने के लिए सिर्फ कामगारों की बढ़ती आबादी ही नहीं बल्कि उनका कौशल, प्रशिक्षण व शिक्षा भी उतना ही अधिक मायने रखता है। 

- डेलॉएट इंडिया के अर्थशास्त्री अनीश चक्रवर्ती के मुताबिक देश की यह युवा आबादी मौजूदा कार्यबल की तुलना में अधिक प्रशिक्षित और शिक्षित होगी और इससे आर्थिक विकास की संभावनाएं बढ़ती हैं। इसके अलावा कार्यबल में महिलाओं की बढ़ती सक्रिय भागीदारी, कार्य के प्रति लोगों की बढ़ती रुचि और अधिक काम करने में दिलचस्पी से भी कारोबार पर सकारात्मक असर पड़ेगा।

- रिपोर्ट में लेकिन साथ ही यह भी चेतावनी दी गयी है कि अगर इस युवा आबादी को अनुकूल माहौल न मिला तो बड़ी तेजी से बेरोजगारी बढ़ेगी जिससे सामाजिक अस्थिरता उत्पन्न होगी।