दिखा साल का पहला और आखिरी सुपरमून, जानिए खास बातें

नई दिल्ली(4 दिसंबर): 3 दिसंबर की रात को दुनिया आसमान में एक अनोखा नजारा देखी। रविवार रात को आसमान में ‘सुपरमून’ दिखा। ‘सुपरमून’ तब होता है जब चंद्रमा अपनी कक्षा में धरती के सबसे करीब होता है। इस वक्‍त चंद्रमा बड़ा और चमकदार दिखाई देता है।

- ‘सुपरमून’ के समय, चंद्रमा धरती की कक्षा पहले की तुलना में बेहद करीब होता है। आम दिनों की तुलना में यह दोनों के बीच की सबसे करीबी दूरी होगी। इस दौरान दुनिया भर के लोगों को चांद 13.6 प्रतिशत ज्‍यादा गोल और 29 फीसदी बड़ा दिखाई दिया। 

- रविवार का ‘सुपरमून’ सिर्फ इसलिए खास नहीं रहा कि यह साल में सिर्फ एक बार हुआ है, बल्कि इस रात चांद 7 फीसदी बड़ा और 15 फीसदी ज्‍यादा चमक के साथ दिखाई देगा।

- 'सुपरमून' शब्द का इस्तेमाल 1979 में रिचर्ड नोल ने किया था। 1948 के बाद से 2016 में चंद्रमा पृथ्वी के सबसे करीब आया था। अब 2016 की तरह का सुपरमून 2034 में ही देखने को मिलेगा।