IPL-9: बारिश के बाद डकवर्थ लुइस ने हैदराबाद को धोया, 34 रनों से जीता पुणे

नई दिल्ली(27 अप्रैल) राइजिग पुणे सुपरजाएंट्स ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के नौवें संस्करण में मंगलवार को सनराइजर्स हैदराबाद को डकवर्थ लुइस नियम के तहत 34 रनों से हराकर अपनी दूसरी जीत दर्ज की।  राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए लीग के 22वें मैच में हैदराबाद ने पहले खेलते हुए पुणे के सामने 119 रनों का लक्ष्य रखा था। पुणे ने 11 ओवर में तीन विकेट खोकर 94 रन बना लिए थे और उसे जीत के लिए 54 गेंदों में 25 रनों की जरूरत थी। तभी बारिश आ गई जिसके बाद मैच नहीं हो सका और अंपायरों ने पुणे को डकवर्थ लुइस नियम से जीता घोषित कर दिया।

पुणे की तरफ से सबसे ज्यादा 46 रन स्टीवन स्मिथ ने बनाए। वह नाबाद रहे। उनके अलावा डू प्लेसिस ने 30 रनों का योगदान दिया।  पुणे के गेंदबाजों ने बारिश के कारण एक घंटे देर से शुरू हुए मैच में अपनी किफायती गेंदबाजी की वजह से हैदराबाद की टीम को 20 ओवर में आठ विकेट के नुकसान पर 118 रनों पर सिमित कर दिया। हैदराबाद की तरफ से सबसे ज्यादा 56 रन शिखर धवन ने बनाए। वह नाबाद पवेलियन लौटे।पुणे की तरफ से आशोक डिंडा सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने अपने चार ओवरों में 23 रन देकर तीन विकेट हासिल किए, जिसमें एक मेडेन ओवर भी शामिल है। उनके अलावा मिशेल मार्श ने चार ओवर में महज 14 रन देकर दो विकेट लिए। डिंडा को मैन ऑफ द मैच चुना गया।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी पुणे की टीम की शुरुआत खराब रही। टीम ने अपने इनफॉर्म बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे को पहले ओवर की पांचवी गेंद पर ही खो दिया। टीम का खाता भी नहीं खुला था और रहाणे प्वाइंट पर गेंद को मारने के चक्कर में इयोन मोर्गन के हाथों लपके गए।

इसके बाद दूसरे सलामी बल्लेबाज फाफ डू प्लेसिस और स्मिथ ने हैदराबाद को दूसरे विकेट के लिए 9.1 ओवर का इंतजार कराया। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 90 रनों की साझेदारी की। मोइसिस हेनरिक्स ने डू प्लेसिस को विकेट के पीछे नमन ओझा के हाथों कैच करा टीम को दूसरी सफलता दिलाई। इसके बाद आए कप्तान महेन्द्र सिंह धौनी (5) ने आते ही चौका मारा। इसी समय हल्की बूंदा बांदी होने लगी। कप्तान धौनी मैच को जल्दी खत्म करने के चक्कर में प्वाइंट पर आदित्य तारे के शानदार कैच की बदौलत पेवलियन लौटे।

इसी बीच बारिश तेज हो चुकी थी इसलिए अंपायरों ने मैच रोकने का फैसला किया। जब मैच रोका गया तब पुणे डकवर्थ लुइस नियम के तहत 34 रनों से आगे थी। इसके बाद मैच नहीं हो सका और पुणे की टीम को अपनी दूसरी जीत मिली।

इससे पहले, हैदराबाद के बल्लेबाज पुणे के गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सके। सिर्फ धवन ही पूरी पारी में हैदराबाद की तरफ से अकेले लड़ते नजर आए। डिडा ने फॉर्म में चल रहे हैदराबाद के कप्तान डेविड वार्नर को पहले ओवर की चौथी गेंद पर शून्य के स्कोर पर पवेलियन भेज दिया। टीम का खाता अभी खुलना बाकी था।

इसके बाद डिंडा ने आदित्य तारे (8) को 26 रनों पर पेवलियन भेज दिया। इसके बाद विकेट लगातार अंतराल पर गिरने लगे। इयोन मोर्गन (0), दीपेंद्र हुड्डा (1) और हेनरिक्स (1) सस्ते में आउट होकर टीम को संकट में डाल गए। धवन हालांकि दूसरे छोर पर खड़े थे और अकेले ही रन बनाते जा रहे थे। टीम ने 32 रनों पर ही अपने पांच विकेट खो दिए थे। ऐसे में विकेटकीपर बल्लेबाज ओझा (10) ने धवन का साथ दिया और टीम का स्कोर 79 रन तक पहुंचाया।

डिंडा ने एक बार फिर अहम समय पर विकेट लेकर हैदराबाद को संकट में डाल दिया। उन्होंने 16.4 ओवर में नमन को बोल्ड कर पवेलियन भेजा। नमन के बाद आए बिपुल शर्मा भी जल्द ही रन आउट होकर पवेलियन लौट गए। उनकी जगह आए भुवनेश्वर कुमार (21) ने 19वें ओवर में डिंडा पर एक छक्का और एक चौका लगाकर टीम का स्कोर 100 के पार पहुंचाया। आखिरी ओवर में भुवनेश्वर ने तिसिरा परेरा पर दो चौके जड़े। वह इस ओवर की चौथी गेंद पर आउट हुए। उन्होंने आठ गेंदें खेलते हुए तीन चौके और एक छक्का लगाया। धवन ने नाबाद रहते हुए टीम को 118 के स्कोर तक पहुंचाया। उन्होंने अपनी पारी में 53 गेंदों का सामना करते हुए दो चौके और एक छक्का लगाया।