सुन्नी बरेलवी मौलवी करेंगे लव मैरिज का प्रचार

नई दिल्ली ( 18 जनवरी ): मुस्लिम दंपतियों विवाहेतर संबंधों की वजह से बढ़ रहे तलाक के मामलों को देखते हुए आला हजरत दरगाह के सुन्नी बरेलवी मौलवियों ने लव मैरिज का प्रचार करने का फैसला किया है। ये धर्मगुरु लव मैरिज का प्रचार करेंगे और युवाओं के परिजनों से कहेंगे कि यदि वे किसी के साथ रिश्ते में हैं तो उन पर दूसरी लड़की या लड़के से शादी के लिए दबाव न बनाएं। मौलवियों ने कहा कि वह लोगों को समझाएंगे कि वे अपने बच्चों को अपनी पसंद की शादी करने की अनुमति दें।

दरगाह आला हजरत के प्रवक्ता मुफ्ती मोहम्मद सलीम नूरी ने रहा, 'पिछले तीन सालों में हमारे पास तलाक के जो मामले आए हैं, उनमें से 50% में महज 6 महीने में संबंध खत्म हो गए। इसकी वजह यह थी कि शादी से पहले ही महिला या पुरुष में से किसी एक का अफेयर था।' ऐसे में मौलवियों ने लव मैरिज को प्रोत्साहित करने के लिए कैंपेन चलाने का फैसला लिया है।

नूरी ने कहा, 'हम लोगों को प्रोत्साहित करेंगे कि यदि उनके बच्चे किसी के साथ रिलेशनशिप में हैं तो सिर्फ अपनी इच्छा थोपते हुए उन पर शादी के लिए दबाव न बनाएं और उन्हें मनपसंद साथी चुनने की छूट दें।' नूरी ने कहा कि लव मैरिज इस्लाम के खिलाफ नहीं है। धर्म के तौर पर इस्लाम महिला या पुरुष की पसंद को तवज्जो देता है। जब इस्लाम किसी को जीवनसाथी चुनने की आजादी देता है तो उसके माता-पिता को भी इसे स्वीकार करना चाहिए।