BREAKING: केजरीवाल और कीर्ति आजाद को सम्मन जारी

नई दिल्ली (30 जनवरी): तीस हजारी कोर्ट ने चेतन चौहान द्वारा दायर किए मानहानि के मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और कीर्ति आजाद को सम्मन जारी किया है।

इससे पहले 28 जनवरी को तीस हजारी अदालत ने फैसला सोमवार तक के लिए सुरक्षित रख लिया था। महानगर दंडाधिकारी अभिलाष मल्होत्रा ने अरविंद केजरीवाल और कीर्ति आजाद को बतौर आरोपी अदालत में बुलाने को लेकर यह फैसला सुरक्षित रखा था।

पेश मामले में शनिवार को शिकायतकर्ताओं की तरफ से प्री-समन सुबूत पेश करने की अंतिम बहस पूरी हो गई। डीडीसीए की तरफ से पेश वकील संग्राम पटनायक ने अदालत के समक्ष टीवी चैनल की फुटेज दिखाई, जिसमें इंटरव्यू के दौरान मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि डीडीसीए सेक्स रैकेट का अड्डा है। बताया गया कि मुख्यमंत्री के इस बयान का पूर्व क्रिकेटर व सांसद कीर्ति आजाद ने समर्थन किया था।

इसके अनुसार, टीवी इंटरव्यू के दौरान केजरीवाल ने कहा था कि डीडीसीए पूरी तरह से भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है। एक वरिष्ठ पत्रकार ने मुझे फोन कर बताया था कि डीडीसीए अधिकारियों ने उनके बेटे का टीम में सिलेक्शन करने का आश्वासन दिया था। अगले दिन जब सूची जारी की गई तो बेटे का नाम नहीं था। इस बाबत मेरी पत्नी ने डीडीसीए अधिकारियों से बात की। डीडीसीए अधिकारी ने पत्नी को एसएमएस भेजकर कहा कि वह रात को उनके दफ्तर में आ जाए, अगले दिन उसके बेटे का नाम सूची में डाल दिया जाएगा।

अदालत को बताया गया कि दोनों के बयानों से डीडीसीए की छवि को नुकसान पहुंचा है। पेश मामले में डीडीसीए और एसोसिएशन के उपाध्यक्ष चेतन चौहान शिकायतकर्ता हैं।