''65 साल बाद भी दलित व पिछड़ों की हालत में कोई सुधार नहीं''

नई दिल्‍ली (24 जनवरी): लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने आरक्षण के बावजूद दलित व पिछड़ों की हालत पर गंभीर चिंता जताई। उन्‍होंने कहा कि संविधान निर्माता बाबा साहब अंबेडकर ने 10 वर्ष के लिए आरक्षण की व्यवस्था करते हुए माना था कि इन वर्षों में पिछड़ों को बराबरी मिल जाएगी, लेकिन 65 साल बाद भी ऐसा नहीं हो सका।

महाजन ने कहा कि हर दस वर्ष में जब आरक्षण की अवधि बढ़ाने का संसद में प्रस्ताव आता है तब सभी दलों के नेता इसका समर्थन करते हैं। स्वस्थ लोकतंत्र के लिए चर्चा व संवाद जरूरी है। वैचारिक असहमति होने के बावजूद लोकसभा व विधानसभाओं में सदस्यों के बीच विचार-विमर्श होगा तभी जनता की समस्याओं का हल होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारें अब विधानसभाओं के सत्र की अवधि पर मनमानी नहीं कर सकेंगी।

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन की मौजूदगी में आयोजित देशभर की विधानसभाओं के अध्यक्षों व सचिवों के सम्मेलन में सत्र की अवधि पर प्रस्ताव पारित किया गया है। विधानसभा अध्यक्षों व सचिवों के सम्मेलन में 29 राज्यों के अध्यक्षों ने भाग लिया। सम्मेलन में 26 राज्यों से उपाध्यक्ष भी आए थे।