ईद पर बजने लगा 'सलमान' का डंका, लंगोट पहनने से 'सुल्तान' बनने की पूरी कहानी...

नई दिल्ली (6 जुलाई): लंगोट में अखाड़े में आता सुल्तान, पहलवानों के साथ कुश्ती के दांवपेंच आज़माता सुल्तान, धोबी पछाड़ से हैवी वेट रेसलर्स को चित्त करता सुल्तान। सुल्तान पर सीटियां बजीं, परदे पर उसकी कहानी ने कमाल दिखाना शुरु कर दिया है। लेकिन आज कहानी सुल्तान की नहीं, बल्कि सलमान के सुल्तान बनने की है। जिसमें एक बार तो सलमान ने सुल्तान बनने से ही इनकार कर दिया था।

सुल्तान ने बॉक्स ऑफ़िस पर दस्तक दे दी है और ज़बरदस्त ओपनिंग के साथ उम्मीद जताई जा रही है कि ये फ़िल्म बॉलिवुड में अब तक सबसे ज़्यादा फर्स्ट वीक कलेक्शन करने वाली फ़िल्म बनेगी। लेकिन ये सब ना होता, ना सलमान, सुल्तान बनते। ना ईद पर सुल्तान का शोर होता। ना फैन्स की दीवानगी होती। अगर उस वक्त सलमान ने अपना दिल कड़ा करके आगे बढ़ने का फैसला ना लिया होता।

ये कहानी शुरु होती है लंगोट से, जी हां, सुल्तान की लंगोट से। वो लंगोट, जिसे अब यशराज पूरे एक करोड़ में बेचने की तैयारी कर रहा है। उसी लंगोट के चलते सलमान, जैसा बलवान भी डर गया था। और जब लंगोट पहनकर, सुल्तान बनकर सलमान को भरे हुए अखाड़े में पहला शॉट देना था, तो खुद को दबंग कहलाने वाले सलमान की भी घिग्गी बंध गई थी। उन्होने फ़िल्म के डायरेक्टर अली अब्बास ज़फ़र से कह दिया था कि वो लंगोट पहनकर शूटिंग कर ही नहीं सकते।

आसां नहीं होता सुल्तान बनना, ये सुल्तान ने बता दिया, और साथ ही ये भी बता दिया कि लंगोट पहनना ज़्यादा मुश्किल होता है। खैर सलमान ने ये इम्तिहान तो जैसे तैसे पार कर लिया, मगर अब सलमान के सामने एक और चुनौती तैयार थी।

अली अब्बास ज़ाफ़र और आदित्य चोपड़ा के कहने पर सलमान बड़ी फुर्ती के साथ सुल्तान बनने को तैयार हो गए थे। महज़ 20 मिनट का नरेशन और सलमान ने मान लिया कि ये फ़िल्म उन्ही के लिए है। सलमान को लगा भी कि आख़िर कुश्ती का जो खेल उन्होने बचपन में ही खेला, उसे परदे पर उतारना क्या मुश्किल है। लेकिन सलमान ये भूल गए कि बचपने में अखाड़े में की गई चंद दिनों की कुश्ती और सुल्तान की कुश्ती में ज़मीन-आसमान का फर्क़ है।

रेसलिंग की ट्रेनिंग तो सलमान को बराबर दी गई। लेकिन जब बारी आई फ़िल्म को शूट करने की, तो सलमान के हाथ-पांव फूल गए। मुश्किल ये हुई कि डायरेक्टर अली अब्बास जाफ़र ने सलमान के सामने शूटिंग में कुश्ती के लिए एक्टर नहीं, असली पहलवान उतार दिए और फ़िर पूछिए नहीं, कि दबंग, वॉन्टेड, बजरंगी जैसे जुदा-जुदा नाम वाले सलमान भाईजान के क्या हाल हुए। इसी दर्द का बयां करने में सलमान के मुंह से एक बार तो वो बात भी निकल गई, जिसके चलते उन्हे महिला आयोग की नोटिस का जवाब देना पड़ रहा है। लेकिन अब बिना वैसे कमेंट के, सुनिए असल पहलवानों के साथ सुल्तान बनने में सलमान को कैसी-कैसी पटखनी मिली है।

चलिए लंगोट हो गया। दर्द के साथ लंगोट में रेसलिंग हो गई, लेकिन सलमान के लिए तीसरी सबसे बड़ी मुश्किल थी हरियाणवी जबान, तो यहां सलमान ने चीटिंग की। जी हां, बजरंगी भाईजान तो झूठ नहीं बोलते, लेकिन सुल्तान के लिए सलमान ने ज़ुबान में चीटिंग की। हरियाणवी सीखने से बचने के लिए सलमान ने एक नायाब रास्ता तलाशा। यानि ज़बरदस्त ट्रेनिंग, ओरिजिनल पहलावनों के साथ रेसलिंग, लंगोट पहनने के बाद, हरियाणवी बोलने में थोड़ी सी चीटिंग और इस तरह सलमान बन गए सुल्तान, जिसका ईद पर डंका बजने लगा है।